प्रधानमंत्री माेदी छात्रों से बोले, नियंत्रण करें तकनीक पर, समय नहीं करें बर्बाद

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तालकटोरा स्टेडियम में छात्रों से बात करते हुए कहा कि ये दशक सभी के लिए काफी महत्वपूर्ण है। देश आज की पीढ़ी पर काफी निर्भर करता है। पहले मैं मुख्यमंत्री रहा और अब आपने ये (PM) का काम दे दिया, इस दौरान मैं कई कार्यक्रमों में जाता हूं। इस कार्यक्रम में कुल 2,000 स्टूडेंट्स और टीचर्स हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें से 1,050 छात्रों का चयन निबंध प्रतियोगिता के जरिए किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर मैं ये चर्चा ना करता तो भी PM पद पर कोई असर नहीं पड़ता। लेकिन मैंने खुद ये प्रस्ताव किया, मुझे लगा कि आपके माता-पिता का बोझ हल्का करना चाहिए, मैं भी तो आपके परिवार का सदस्य हूं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि चन्द्रयान 2 फेल होने के बाद चैन से सो नहीं पाया था।

तकनीक पर करें नियंत्रण, समय न करें बर्बाद….

प्रधानमंत्री मोदी ने क नई तकनीक को सीखने के लिए छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि हम सिर्फ इसका ज्ञान ही नहीं होना चाहिए बल्कि उसकी उपयोग अपने हित के लिए करना सीखना चाहिए। ऐसा देखा जा रहा है कि बहुत से लोगों का समय तकनीक चुरा लेती है। यह सोचिए कि आखिर स्मार्टफोन कितना समय चोरी कर लेता है। तकनीक को जीवन में साथी के तौर पर जोड़ें, लेकिन उसे जिंदगी का हिस्सा न बनने दें।

पीएम मोदी ने कहा कि यह वह दौर है, जब माता-पिता बच्चों पर ऐक्स्ट्रा ऐक्टिविटी के लिए भी दबाव डालने लगे हैं। मां-बाप का भी काम है कि यह देखें कि वह बच्चों की रुचि देखें और उसके मुताबिक उन्हें अवसर दें। बच्चों की ऐक्स्ट्रा ऐक्टिविटी को भी कहीं न कहीं बांधना चाहिए, तभी बच्चे अपनी क्षमता का सही आकलन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि आप स्कूली जीवन में विविधताओं के साथ आगे बढ़ते हैं तो फिर आपके जीवन में निराशा नहीं रहती।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि परीक्षा के अंक जिंदगी नहीं हैं। कोई एक परीक्षा पूरी जिंदगी नहीं है। ये एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। लेकिन यही सब कुछ है, ऐसा नहीं मानना चाहिए। मैं माता-पिता से भी आग्रह करूंगा कि बच्चों से ऐसी बातें न करें कि परीक्षा ही सब कुछ है।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों की लगाई पेंटिंग भी देखी और इस दौरान पेंटिंग के बारे में छात्रों से भी जानकारी ली। आपको बताते जाए कि परीक्षा पर चर्चा का यह तीसरा संस्करण है। इस कार्यक्रम में छात्रों के पास यह सुविधा होती है कि वे अपना सवाल सीधे प्रधानमंत्री को भेज सकते हैं। यह कार्यक्रम इस उद्देश्य से शुरू किया गया है कि छात्र तनाव मुक्त होकर परीक्षा दे पाएं।

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