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Ahmedabad Rath Yatra: 15 लाख भक्त, 16 KM का सफर और 30 हजार जवानों का पहरा, पढ़ें पूरी ग्राउंड रिपोर्ट

Ahmedabad Rath Yatra: आज का दिन पूरे देश के लिए बहुत ही खास और भक्ति से भरा हुआ है। ओडिशा के पवित्र शहर पुरी से लेकर गुजरात के अहमदाबाद तक

Mayank Gaur (वरिष्ठ संवाददाता)

16 जुलाई 2026

Ahmedabad Rath Yatra: 15 लाख भक्त, 16 KM का सफर और 30 हजार जवानों का पहरा, पढ़ें पूरी ग्राउंड रिपोर्ट

Ahmedabad Rath Yatra: आज का दिन पूरे देश के लिए बहुत ही खास और भक्ति से भरा हुआ है। ओडिशा के पवित्र शहर पुरी से लेकर गुजरात के अहमदाबाद तक, आज हर तरफ सिर्फ ‘जय जगन्नाथ’ का जयघोष सुनाई दे रहा है। भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा आज अपने भव्य रथों पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकल चुके हैं।

इस रथ यात्रा को देखने और भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े हैं। एक तरफ जहां पुरी के समुद्र तट पर खूबसूरत कलाकृतियां बनाई गई हैं, वहीं दूसरी तरफ अहमदाबाद में इस यात्रा को सुरक्षित निकालने के लिए तकनीक और सुरक्षा का एक बहुत बड़ा जाल बिछाया गया है। आइए, बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि आज पुरी और अहमदाबाद में रथ यात्रा को लेकर क्या-क्या खास हो रहा है।

पुरी बीच पर रेत से उकेरी गई अद्भुत कलाकृति

रथ यात्रा के इस पावन मौके पर पद्मश्री से सम्मानित मशहूर सैंड आर्टिस्ट (रेत कलाकार) सुदर्शन पटनायक ने एक बार फिर अपनी कला से सबका दिल जीत लिया है। उन्होंने पुरी के समुद्र तट पर भगवान जगन्नाथ की एक बहुत ही विशाल और सुंदर आकृति बनाई है।

इस कलाकृति की सबसे खास बात यह है कि सुदर्शन पटनायक ने मुख्य आकृति के साथ-साथ रेत से 100 छोटे-छोटे रथ (मिनिएचर सैंड चैरियट) भी तैयार किए हैं। समुद्र के किनारे बनी यह खूबसूरत कलाकृति वहां पहुंचे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। हर कोई इस अद्भुत सैंड आर्ट को निहार रहा है और तस्वीरें ले रहा है।

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और मल्लिकार्जुन खरगे ने दी शुभकामनाएं

रथ यात्रा के अवसर पर देश के बड़े नेता भी भगवान का आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान आज पुरी में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि आज का दिन बहुत शुभ है क्योंकि महाप्रभु खुद मंदिर से बाहर आकर अपने भक्तों और आम जनता को दर्शन देते हैं। उन्होंने बताया कि वे मंदिर में भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने के साथ-साथ गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य जी का भी आशीर्वाद लेंगे। उन्होंने देशवासियों की सुख-समृद्धि और भारत की प्रगति के लिए महाप्रभु से प्रार्थना की।

वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) के जरिए देशवासियों को रथ यात्रा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि यह महापर्व देश में सुख-शांति, सद्भाव और खुशहाली लेकर आए।

अहमदाबाद में अमित शाह ने की मंगला आरती

पुरी के अलावा गुजरात के अहमदाबाद में निकलने वाली रथ यात्रा भी देश में बहुत प्रसिद्ध है। आज सुबह करीब चार बजे देश के गृह मंत्री अमित शाह अहमदाबाद के 400 साल पुराने भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने वहां भगवान की विशेष ‘मंगला आरती’ में हिस्सा लिया।

आरती के बाद, सदियों पुरानी परंपरा को निभाते हुए ‘खलासी समुदाय’ के लोगों ने तीनों रथों को खींचकर इस भव्य यात्रा की शुरुआत की।

16 किलोमीटर का सफर और 15 लाख श्रद्धालुओं का सैलाब

अहमदाबाद में यह यात्रा सुबह लगभग 7 बजे शुरू हुई। यह यात्रा पूरे शहर में करीब 16 किलोमीटर लंबा सफर तय करेगी और रात लगभग 9 बजे वापस मंदिर लौटेगी।

यह यात्रा जमालपुर, कालूपुर, शाहपुर और दरियापुर जैसे कई संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरेगी। इस पूरी यात्रा में सिर्फ 3 रथ ही नहीं हैं, बल्कि उनके साथ 18 सजे हुए हाथी, करीब 100 सुंदर झांकियां, लगभग 30 अखाड़े और 20 से ज्यादा भजन मंडलियां भी चल रही हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस भव्य आयोजन में करीब 15 लाख श्रद्धालु शामिल होंगे।

अहमदाबाद में कैसी है सुरक्षा व्यवस्था? (आंकड़ों में समझें)

चूंकि भीड़ बहुत ज्यादा है और यात्रा संवेदनशील इलाकों से गुजर रही है, इसलिए गुजरात पुलिस ने सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी है। सुरक्षा के आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं:

  • अहमदाबाद पुलिस, होमगार्ड और ट्रैफिक पुलिस को मिलाकर लगभग 30,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

  • इनमें 10 डीआईजी/आईजी स्तर के बड़े अधिकारी, 42 एसपी/डीसीपी, 93 एसीपी और 300 से ज्यादा पुलिस इंस्पेक्टर शामिल हैं।

  • इसके अलावा राज्य रिजर्व पुलिस के 3,000 जवान, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की 5 कंपनियां और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 4 कंपनियां भी मोर्चे पर हैं।

  • किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चेतक कमांडो की 3 खास टीमें भी तैनात की गई हैं।

तकनीक का इस्तेमाल: AI और एंटी-ड्रोन गन से निगरानी

आजकल सुरक्षा के लिए पुलिस तकनीक का भरपूर इस्तेमाल कर रही है। पूरी यात्रा के रास्ते पर लगभग 3,700 सीसीटीवी कैमरे और 100 से ज्यादा ड्रोन कैमरे लगाए गए हैं।

सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वाले वीडियो एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर रही है, जिससे भीड़ की हर हरकत पर नजर रखी जा सके। पुलिस ने 65 हजार से ज्यादा अपराधियों की तस्वीरें ‘फेस रिकग्निशन सिस्टम’ (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) में डाल दी हैं। अगर कोई भी संदिग्ध व्यक्ति भीड़ में दिखा, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट कर देगा। आसमान में बिना इजाजत उड़ने वाले ड्रोन्स को गिराने के लिए ‘एंटी-ड्रोन जैमिंग गन’ भी तैनात की गई हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की संस्कृति और आपसी भाईचारे का बहुत बड़ा प्रतीक है। एक तरफ जहां सुदर्शन पटनायक की कला मन को शांति देती है, वहीं प्रशासन की इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि लाखों लोग बिना किसी डर के अपने आराध्य के दर्शन कर सकें। उम्मीद है कि यह रथ यात्रा पूरे देश के लिए मंगलमय साबित होगी।

आज का दिन पूरे देश के लिए बहुत ही खास और भक्ति से भरा हुआ है। ओडिशा के पवित्र शहर पुरी से लेकर गुजरात के अहमदाबाद तक, आज हर तरफ सिर्फ ‘जय जगन्नाथ’ का जयघोष सुनाई दे रहा है। भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा आज अपने भव्य रथों पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकल चुके हैं।

इस रथ यात्रा को देखने और भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े हैं। एक तरफ जहां पुरी के समुद्र तट पर खूबसूरत कलाकृतियां बनाई गई हैं, वहीं दूसरी तरफ अहमदाबाद में इस यात्रा को सुरक्षित निकालने के लिए तकनीक और सुरक्षा का एक बहुत बड़ा जाल बिछाया गया है। आइए, बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि आज पुरी और अहमदाबाद में रथ यात्रा को लेकर क्या-क्या खास हो रहा है।

पुरी बीच पर रेत से उकेरी गई अद्भुत कलाकृति

रथ यात्रा के इस पावन मौके पर पद्मश्री से सम्मानित मशहूर सैंड आर्टिस्ट (रेत कलाकार) सुदर्शन पटनायक ने एक बार फिर अपनी कला से सबका दिल जीत लिया है। उन्होंने पुरी के समुद्र तट पर भगवान जगन्नाथ की एक बहुत ही विशाल और सुंदर आकृति बनाई है।

इस कलाकृति की सबसे खास बात यह है कि सुदर्शन पटनायक ने मुख्य आकृति के साथ-साथ रेत से 100 छोटे-छोटे रथ (मिनिएचर सैंड चैरियट) भी तैयार किए हैं। समुद्र के किनारे बनी यह खूबसूरत कलाकृति वहां पहुंचे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। हर कोई इस अद्भुत सैंड आर्ट को निहार रहा है और तस्वीरें ले रहा है।

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और मल्लिकार्जुन खरगे ने दी शुभकामनाएं

रथ यात्रा के अवसर पर देश के बड़े नेता भी भगवान का आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान आज पुरी में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि आज का दिन बहुत शुभ है क्योंकि महाप्रभु खुद मंदिर से बाहर आकर अपने भक्तों और आम जनता को दर्शन देते हैं। उन्होंने बताया कि वे मंदिर में भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने के साथ-साथ गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य जी का भी आशीर्वाद लेंगे। उन्होंने देशवासियों की सुख-समृद्धि और भारत की प्रगति के लिए महाप्रभु से प्रार्थना की।

वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) के जरिए देशवासियों को रथ यात्रा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि यह महापर्व देश में सुख-शांति, सद्भाव और खुशहाली लेकर आए।

अहमदाबाद में अमित शाह ने की मंगला आरती

पुरी के अलावा गुजरात के अहमदाबाद में निकलने वाली रथ यात्रा भी देश में बहुत प्रसिद्ध है। आज सुबह करीब चार बजे देश के गृह मंत्री अमित शाह अहमदाबाद के 400 साल पुराने भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने वहां भगवान की विशेष ‘मंगला आरती’ में हिस्सा लिया।

आरती के बाद, सदियों पुरानी परंपरा को निभाते हुए ‘खलासी समुदाय’ के लोगों ने तीनों रथों को खींचकर इस भव्य यात्रा की शुरुआत की।

16 किलोमीटर का सफर और 15 लाख श्रद्धालुओं का सैलाब

अहमदाबाद में यह यात्रा सुबह लगभग 7 बजे शुरू हुई। यह यात्रा पूरे शहर में करीब 16 किलोमीटर लंबा सफर तय करेगी और रात लगभग 9 बजे वापस मंदिर लौटेगी।

यह यात्रा जमालपुर, कालूपुर, शाहपुर और दरियापुर जैसे कई संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरेगी। इस पूरी यात्रा में सिर्फ 3 रथ ही नहीं हैं, बल्कि उनके साथ 18 सजे हुए हाथी, करीब 100 सुंदर झांकियां, लगभग 30 अखाड़े और 20 से ज्यादा भजन मंडलियां भी चल रही हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस भव्य आयोजन में करीब 15 लाख श्रद्धालु शामिल होंगे।

अहमदाबाद में कैसी है सुरक्षा व्यवस्था? (आंकड़ों में समझें)

चूंकि भीड़ बहुत ज्यादा है और यात्रा संवेदनशील इलाकों से गुजर रही है, इसलिए गुजरात पुलिस ने सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी है। सुरक्षा के आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं:

  • अहमदाबाद पुलिस, होमगार्ड और ट्रैफिक पुलिस को मिलाकर लगभग 30,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

  • इनमें 10 डीआईजी/आईजी स्तर के बड़े अधिकारी, 42 एसपी/डीसीपी, 93 एसीपी और 300 से ज्यादा पुलिस इंस्पेक्टर शामिल हैं।

  • इसके अलावा राज्य रिजर्व पुलिस के 3,000 जवान, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की 5 कंपनियां और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 4 कंपनियां भी मोर्चे पर हैं।

  • किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चेतक कमांडो की 3 खास टीमें भी तैनात की गई हैं।

तकनीक का इस्तेमाल: AI और एंटी-ड्रोन गन से निगरानी

आजकल सुरक्षा के लिए पुलिस तकनीक का भरपूर इस्तेमाल कर रही है। पूरी यात्रा के रास्ते पर लगभग 3,700 सीसीटीवी कैमरे और 100 से ज्यादा ड्रोन कैमरे लगाए गए हैं।

सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वाले वीडियो एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर रही है, जिससे भीड़ की हर हरकत पर नजर रखी जा सके। पुलिस ने 65 हजार से ज्यादा अपराधियों की तस्वीरें ‘फेस रिकग्निशन सिस्टम’ (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) में डाल दी हैं। अगर कोई भी संदिग्ध व्यक्ति भीड़ में दिखा, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट कर देगा। आसमान में बिना इजाजत उड़ने वाले ड्रोन्स को गिराने के लिए ‘एंटी-ड्रोन जैमिंग गन’ भी तैनात की गई हैं।

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की संस्कृति और आपसी भाईचारे का बहुत बड़ा प्रतीक है। एक तरफ जहां सुदर्शन पटनायक की कला मन को शांति देती है, वहीं प्रशासन की इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि लाखों लोग बिना किसी डर के अपने आराध्य के दर्शन कर सकें। उम्मीद है कि यह रथ यात्रा पूरे देश के लिए मंगलमय साबित होगी।

“छात्रों की स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनियमितताओं पर कठोरतम प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।”

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