गुरुवार, 20 अगस्त 2026
मुख्य पृष्ठ
jansandeshonline.com
लाइफस्टाइल 07:43 am3 मिनट पठन समय

Amritsar Travel Guide: गोल्डन टेंपल के अलावा अमृतसर में छिपी हैं ये 6 शानदार जगहें, ट्रिप प्लान करने से पहले जरूर पढ़ें

Amritsar Travel Guide: जब भी बारिश या मानसून का मौसम आता है, तो हम पहाड़ों (उत्तराखंड या हिमाचल) पर जाने से कतराते हैं, क्योंकि वहां भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का डर रहता है।

Mayank Gaur

Mayank Gaur (वरिष्ठ संवाददाता)

16 जुलाई 2026

Amritsar Travel Guide: गोल्डन टेंपल के अलावा अमृतसर में छिपी हैं ये 6 शानदार जगहें, ट्रिप प्लान करने से पहले जरूर पढ़ें

फोटो: ग्राउंड रिपोर्ट - विशेष संवाददाता (दैनिक एक्सप्रेस)

Amritsar Travel Guide: जब भी बारिश या मानसून का मौसम आता है, तो हम पहाड़ों (उत्तराखंड या हिमाचल) पर जाने से कतराते हैं, क्योंकि वहां भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का डर रहता है। ऐसे में घूमने के लिए राजस्थान, उत्तर प्रदेश या फिर पंजाब सबसे सुरक्षित और बेहतरीन विकल्प माने जाते हैं। अगर बात पंजाब की करें, तो ‘अमृतसर’ का नाम जुबान पर सबसे पहले आता है।

आमतौर पर लोगों को लगता है कि अमृतसर जाने का मतलब सिर्फ ‘गोल्डन टेंपल’ (स्वर्ण मंदिर) में मत्था टेकना है। लेकिन यह सच नहीं है! अमृतसर सिर्फ एक धार्मिक जगह नहीं है, बल्कि यहां की गलियों में इतिहास, देशभक्ति, पंजाब की असली संस्कृति और स्वाद का खजाना छिपा है। अगर आप भी अपने परिवार या दोस्तों के साथ 2 दिन के लिए अमृतसर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो हम आपको एक दोस्त की तरह बताते हैं कि स्वर्ण मंदिर के अलावा आपको इस शहर में और क्या-क्या एक्सप्लोर करना चाहिए।

जलियांवाला बाग: जहां आज भी बोलता है इतिहास

गोल्डन टेंपल के दर्शन करने के बाद, वहां से बस कुछ ही कदमों की दूरी पर स्थित ‘जलियांवाला बाग’ जरूर जाएं।

यह भारत के इतिहास की वो जगह है जो आज भी हर भारतीय की आंखें नम कर देती है। साल 1919 में यहां जो दर्दनाक घटना घटी थी, उसके निशान आज भी यहां मौजूद हैं। इस बाग में बने स्मारक, दीवारों पर आज भी मौजूद गोलियों के निशान और यहां का म्यूजियम आपको उस समय की पूरी कहानी बयां करते हैं। अगर आप इतिहास को करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो यहां कुछ वक्त जरूर बिताएं।

वाघा बॉर्डर: देशभक्ति का वो जज्बा जो रोंगटे खड़े कर दे

अगर आप अमृतसर गए और वाघा बॉर्डर (Wagah Border) नहीं गए, तो समझ लीजिए आपकी ट्रिप अधूरी है। भारत और पाकिस्तान के बॉर्डर पर हर शाम होने वाली ‘बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी’ (Beating Retreat Ceremony) को देखना एक अलग ही अहसास है।

शाम ढलते ही यहां भारी संख्या में लोगों की भीड़ जुटती है। जवानों का जोश, दोनों तरफ से लगते नारे और देशभक्ति का माहौल आपके रोंगटे खड़े कर देगा। इस सेरेमनी का हिस्सा बनना आपके लिए एक यादगार अनुभव साबित होगा।

दुर्गियाना और राम तीर्थ मंदिर: आस्था के अद्भुत केंद्र

अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के अलावा भी कई बेहद खूबसूरत और प्राचीन मंदिर हैं:

  • दुर्गियाना मंदिर: 16वीं सदी में बना यह मंदिर देवी दुर्गा को समर्पित है। इसे ‘लक्ष्मी नारायण मंदिर’ भी कहा जाता है। इसकी बनावट काफी हद तक गोल्डन टेंपल जैसी ही लगती है। मंदिर के आसपास बना सरोवर शाम के समय बहुत ही खूबसूरत दिखता है। आप यहां सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक दर्शन कर सकते हैं।

  • राम तीर्थ मंदिर: यह जगह रामायण काल से जुड़ी हुई है। मान्यता है कि यहीं महर्षि वाल्मीकि ने माता सीता को अपने आश्रम में जगह दी थी। इस मंदिर का सबसे बड़ा आकर्षण यहां रखी गई 800 किलोग्राम वजन की वाल्मीकि जी की मूर्ति है, जिस पर सोने की परत चढ़ी हुई है। यहां आप रात 9 बजे तक जा सकते हैं।

गोबिंदगढ़ किला और पार्टीशन म्यूजियम: अतीत की सच्चाई

  • पार्टीशन म्यूजियम: साल 1947 में देश के बंटवारे का दर्द क्या था, यह आपको इस म्यूजियम में देखने को मिलेगा। यहां पुरानी तस्वीरों, दस्तावेजों और लोगों के निजी अनुभवों के जरिए बंटवारे की उस खौफनाक कहानी को दिखाया गया है, जिसने लाखों लोगों की जिंदगी बदल दी थी।

  • गोबिंदगढ़ किला: अगर आपको पंजाब का गौरवशाली इतिहास देखना है, तो 17वीं शताब्दी में महाराजा गुज्जर सिंह भंगी द्वारा बनवाए गए इस किले में जरूर जाएं। शाम के समय यहां होने वाला ‘लाइट एंड साउंड शो’ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आपको पंजाब के असली रंग दिखाएंगे।

हॉल बाजार की शॉपिंग और अमृतसर का लजीज खाना

  • शॉपिंग: घूमने के बाद शॉपिंग करना तो बनता है! राम तीर्थ मंदिर के बिल्कुल पास स्थित ‘हॉल बाजार’ अमृतसर का सबसे फेमस मार्केट है। यहां से आप असली पंजाबी जुत्ती, फुलकारी वाले दुपट्टे, सूट और हाथ से बनी खूबसूरत चीजें खरीद सकते हैं।

  • खाने का स्वाद: खाने-पीने के शौकीनों के लिए तो अमृतसर किसी जन्नत से कम नहीं है। पुरानी गलियों में मिलने वाला गरमा-गरम अमृतसरी कुलचा, तीखे छोले और मलाई मार के लस्सी का स्वाद आप जिंदगी भर नहीं भूलेंगे। सबसे अच्छी बात यह है कि अगर आप महंगे होटलों के बजाय लोकल दुकानों पर खाते हैं, तो यह बहुत ही सस्ता और स्वादिष्ट पड़ता है।

स्वर्ण मंदिर जाने से पहले ध्यान रखें ये बातें (Travel Tips)

हालांकि यह आर्टिकल गोल्डन टेंपल के अलावा बाकी जगहों के लिए है, लेकिन स्वर्ण मंदिर जाने वाले यात्रियों के लिए कुछ नियम जानने बहुत जरूरी हैं:

  1. गुरुद्वारे के अंदर हमेशा अपना सिर ढककर (रुमाल या कपड़े से) ही प्रवेश करें।

  2. परिसर के अंदर साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें, गंदगी बिल्कुल न फैलाएं।

  3. अगर हो सके तो सुबह बहुत जल्दी या देर रात के समय मंदिर जाएं, इस वक्त सरोवर के पास का नजारा और शांति आपके मन को मोह लेगी।

  4. पूरे शहर को अच्छे से घूमने और एक्सप्लोर करने के लिए कम से कम 2 दिन का समय लेकर ही आएं।

“छात्रों की स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनियमितताओं पर कठोरतम प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।”

आगे पढ़ें (Read Next)

Guinea Conakry Landslide: गिनी की राजधानी कोनाक्री में कचरे का पहाड़ ढहा, 30 लोगों की मौत; 22 घायलअंतरराष्ट्रीय

Guinea Conakry Landslide: गिनी की राजधानी कोनाक्री में कचरे का पहाड़ ढहा, 30 लोगों की मौत; 22 घायल

Guinea Conakry Landslide: गिनी की राजधानी कोनाक्री में भारी बारिश के बाद कचरे का विशाल ढेर ढहकर आसपास के घरों पर जा गिरा।

24 अग॰ 2026
Amravati: अमरावती के जिला महिला अस्पताल में आग, NICU में 3 नवजातों की मौत; 6 बच्चों को बचाया गयाराष्ट्रीय

Amravati: अमरावती के जिला महिला अस्पताल में आग, NICU में 3 नवजातों की मौत; 6 बच्चों को बचाया गया

Amravati: महाराष्ट्र के अमरावती में सोमवार तड़के जिला महिला अस्पताल की NICU (चाइल्ड यूनिट) में भीषण आग लगने से तीन नवजात बच्चों की मौत हो गई।

24 अग॰ 2026