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IT से जुड़ेंगे चिकित्सा संस्थान, रखा जायेगा केस स्टडी के लिए मरीजों का डाटा: स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा

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जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेश की चिकित्सा संस्थानों को जल्द ही IT से जोड़ा जाएगा ताकि आने वाले मरीजों का लेखा-जोखा डाॅक्टर्स के पास रहे और उसे वे केस स्टडी के रूप में काम में ले सकें। प्रत्येक मरीज को हैल्थ कार्ड बनाने की योजना पर भी सरकार काम कर रही है।

डाॅ. शर्मा रविवार को जयपुर के देवीनगर स्थित राजकीय शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अवलोकन और ‘जर्नी टू एनक्यूएएस‘ पुस्तिका के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान देशभर के लिए माॅडल स्टेट बनता जा रहा है। चिकित्सा के हर क्षेत्र राज्य में नए कीर्तिमान बना रहा है। उन्होंने हाल ही सवाईमानसिंह अस्पताल में हार्ट ट्रांसप्लांट को चिकित्सा जगत में बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यहां लीवर ट्रांसप्लांट की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि सरकार अंग प्रत्योरापण और अंगदान के भी गंभीर रूप से काम कर रही है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के हर व्यक्ति को चिकित्सा का अधिकार देना चाहती है, यही वजह है कि आने वाले विधानसभा में इसे कानूनी अमलीजामा पहनाकर ‘राइट टू हैल्थ‘ के रूप में लाना चाह रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने चिकित्सा के क्षेत्र में कोई कसर नहीं छोड़ी है। प्रदेश की पहली जनता क्लिनिक जयपुर के वाल्मिकी नगर में खोली जा चुकी है। जल्द ही अन्य शहरों में भी इसका विस्तार किया जाएगा, ताकि हर व्यक्ति को आसानी से चिकित्सा सविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार आने के बाद प्रदेश में 15500 नर्सिंगकर्मियों को नियुक्ति दी जा चुकी है। चिकित्सकों की कमी भी सरकार दूर कर रही है। 750 से ज्यादा चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया फरवरी से प्रारंभ हो जाएगी।

इस मौके पर उपस्थित यातायात मंत्री और क्षेत्र के विधायक प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि ‘निरोगी राजस्थान‘ अभियान के तहत प्रदेश में चिकित्सकीय व्यवस्थाएं और मजबूत होंगी। उन्होंने इस अवसर पर स्वास्थ्य केंद्र के प्रथम के निर्माण के लिए विधायक कोष से 15 लाख रुपए और एक छोटी एंबुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य केंद्रों को तकनीकी रूप से समृद्ध करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। इस दौरान भारत सरकार द्वारा देवी नगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता वाले चिकित्सा संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त करने और राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम के तहत 93.8 प्रतिशत अंक प्राप्त करने के प्रयासों को दर्शाने वाली पुस्तिका ‘जर्नी टू एनक्यूएएस‘ का भी लोकार्पण किया गया।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक नरेश ठकराल ने स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी और उपलब्ध कराने वाली दवाओं और केंद्र को अब तक मिले कई पुरस्कारों के बारे में भी बताया। इस अवसर पर जयपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रथम डाॅ. नरोत्तम शर्मा और स्वास्थ्य केंद्र के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी अनिल नायर ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आम नागरिक और चिकित्साकर्मी उपस्थित रहे।

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मंत्री सिद्धू ने की बच्चों को ड्रॉप पिलाकर पाेलियो अभियान की शुरुआत

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चंडीगढ़। राज्य से पोलियो उन्मूलन को बनाए रखने के लिए, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने रविवार को मोहाली के ताजपुरा गांव में 3 दिवसीय पल्स पोलियो अभियान का उद्घाटन किया। राज्यभर में 5 साल से कम उम्र के 33 से अधिक बच्चों को राष्ट्रीय प्रतिरक्षण दिवस (एन मास) ड्राइव के हिस्से के रूप में पोलियो ड्रॉप्स पिलाई जाएगी।

बच्चों को मौखिक पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) पिलाने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बच्चों को अधिक से अधिक बीमारियों से बचाने के लिए सभी प्रयास कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि कार्यक्रम के तहत सभी टीके प्रत्येक तक अवश्य पहुँचते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान अभियान के दौरान, 50,000 से अधिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, नर्सिंग छात्र और स्वयंसेवक बच्चों का टीकाकरण करने के लिए घरों, मलिन बस्तियों, ईंट भट्टों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड और अन्य स्थानों का दौरा करेंगे। टीकाकरण कार्यक्रम की निगरानी करने के लिए और यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी बच्चों का टीकाकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि देश पहले से ही पोलियो मुक्त है, हालांकि टीकाकरण को देश से पोलियो उन्मूलन को बनाए रखना होगा। पोलियो का आखिरी मामला 2011 में पश्चिम बंगाल में सामने आया था। पंजाब में 2009 से पोलियो का मामला नहीं देखा गया है।

मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा “पोलियो प्रतिरक्षण के अलावा, सरकार नवजात बच्चों को टीबी, हेपेटाइटिस बी, डिप्थीरिया, पर्टुसिस, टेटनस, होमोफेल्स इन्फ्लूएंजा बी, खसरा, रूबेला और रोटावायरस डाय के खिलाफ टीकाकरण भी कर रही है। टीकाकरण कार्यक्रम में शिशु और बाल मृत्यु दर को काफी कम करने में मदद की है। यह देखा गया है कि जिन बच्चों को टीका लगाया जाता है वे कम बीमार पड़ते हैं और उनके कुपोषित होने की संभावना कम होती है।”

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उन्होंने राज्य को पोलियो मुक्त रखने के लिए अथक परिश्रम के लिए हजारों स्वयंसेवकों, महापंक्ति के कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। बलबीर सिंह सिद्धू ने लोगों से अपने बच्चों का टीकाकरण करवाने की अपील की, भले ही बच्चे कुछ घंटों पहले पैदा हुए हो या खांसी, जुकाम, बुखार, मधुमेह या किसी अन्य बीमारी से पीड़ित हो, क्योंकि पोलियो ड्रॉप्स का कोई बीमारी नहीं है और इससे बच्चे को कोई कष्ट भी नहीं होता है।

इस अवसर पर डॉ. रीता भारद्वाज, निदेशक परिवार कल्याण, डॉ. मंजीत सिंह, सिविल सर्जन, एसएएस नगर, डॉ. जीबी सिंह, राजकीय अधिकारी, डॉ. वीणा जरीवाल, डॉ. एस श्रीनिवासन, डॉ. विक्रम गुप्ता, स्टेट एसएमओ, डब्ल्यूएचओ, डॉ. दलजीत सिंह, डॉ. कुलजीत कौर और अन्य स्वास्थ्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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CHHATTISGARH : बजट जनता की राय से बनेगा, CM भूपेश बघेल ने जारी किया प्रदेशवासियों के नाम संदेश

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार आगामी बजट को जनता का बजट बनाने की कवायद कर रही है। आगामी बजट कैसा हो, जनता बजट में क्या चाहती है, इसके लिए जनता के सुझाव मांगे जा रहे हैं। राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुद जनता से राय मांगी है। छत्तीसगढ़ को अस्तित्व में आए 17 साल हो चुके हैं और डेढ़ दशक बाद सत्ता में आई कांग्रेस की वर्तमान सरकार के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जनता की सरकार बनाने और बताने में लगे हैं और जब भी कोई मौका मिलता है तो उसे वे हाथ से जाने नहीं देते।

इसी क्रम में अब वे आगामी बजट को जनता का बजट बनाना चाह रहे हैं, यही कारण है कि उन्होंने प्रदेशवासियों से इसके लिए सुझाव मांगे हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने ट्वीट कर लोगों से बजट के लिए सुझाव मांगते हुए लिखा, हम चाहते हैं कि आपकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बनाए जाने वाले बजट में आपकी भागीदारी हो। कृपया अपने सुझाव देकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेशवासियों के नाम एक संदेश भी जारी किया है।

इसमें उन्होंने सरकार और बजट तो जनता का बताया ही है साथ में उसमें भागीदारी का भी आह्वान किया है। उन्होंने भाजपा का नाम लिए बगैर पिछली सरकार पर हमला बोला और कहा कि विरासत में मिली समस्याओं और सीमित संसाधनों के बावजूद बीते एक साल में छत्तीसगढ़ ने जन-जन के विकास और खुशहाली का रास्ता बनाया।

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जन विकास और जन विश्वास से हमने गढ़वो नवा छत्तीसगढ़ का अभियान शुरू किया, जिसे आप लोगों का भरपूर समर्थन और सक्रिय सहयोग मिला। अब हम नए वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए राज्य का नया बजट बनाने जा रहे हैं। प्रदेश की जनता से बजट के लिए सुझाव देने का आह्वान करते हुए बघेल ने कहा कि जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए जरुरी है कि उसमें जनता की हिस्सेदारी हो।

इसलिए नए साल के सबसे बड़े वित्तीय प्रबंधन और नियोजन की प्रक्रिया का हिस्सा बनें। छत्तीसगढ़ के गठन के बाद संभवत: यह पहला मौका है जब सरकार ने बजट के लिए खुले तौर पर आमजन से राय मांगी हो। ये सुझाव मुख्यमंत्री बघेल को वॉटसएप नंबर 7440412604 और मेल आईडी भागीदारी2020एटदरेटजीमेलडॉटकॉम पर दिए जा सकते है। राज्य का वर्ष 2018-19 का आम बजट 95 हजार करोड़ रुपए का था, इस बार आम बजट के एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का होने की संभावना है।

सूखे की समस्या से बचेंगे किसान! गडकरी बुलढाणा प्लान के जरिए जुटे हैं महाराष्ट्र को पानीदार बनाने में

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नई दिल्ली। महाराष्ट्र में खासकर विदर्भ क्षेत्र सूखे के लिए जाना जाता है और किसानों की आत्महत्या की खबरें यहां से अक्सर आती रहती हैं। यानी विदर्भ यदि पानीदार हो जाए तो इस इलाके से बुरी खबरें आनी बंद हो सकती हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसके लिए एक पहल की है और इस पहल का नाम है बुलढाणा प्लान।

गडकरी ने बुलढाणा प्लान के जरिए क्षेत्र की नदियों, तालाबों की सफाई और उन्हें पुनर्जीवित करने का काम शुरू किया है और इसका परिणाम भी सामने आने लगा है। उन्होंने इस काम में अपने मंत्रालय का इस्तेमाल इस तरीके से किया है कि काम भी हो जाए और सरकार के पैसे भी बच जाएं। उल्लेखनीय है कि नितिन गडकरी केंद्रीय सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्री हैं।

गडकरी ने इस योजना के बारे में मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने राजमार्ग मंत्रालय को निर्देश दिया कि राजमार्ग विस्तार के समय उनके आस-पास की सूखी नदियों और तालाबों को पुनर्जीवित किया जाए। इस क्रम में सूखा प्रभावित इलाकों में नदियों और तालाबों से निकलने वाले बालू, पत्थर, गाद आदि का इस्तेमाल सडक़ निर्माण में किया जाए।

ऐसा होने से, सडक़ निर्माण के लिए जो खनिज और सामान बाहर से पैसे खर्च कर लाए जाते थे, वे अब निर्माण क्षेत्र के पास मौजूद तालाबों और नदियों से ही मुफ्त में लिए जाने लगे हैं। गडकरी ने बताया कि इससे एक तरफ सडक़ निर्माण में आने वाली लागत की बचत हुई है, तो दूसरी तरफ तालाबों और नदियों को पुनर्जीवित करने में मदद मिल रही है।

गडकरी ने बताया कि चूंकि इस पहल की शुरुआत विदर्भ के बुलढाणा जिले में हुई, इसलिए इसका नाम बुलढाणा योजना रखा गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने कई नदियों, नालों और सूखे पड़े कुओं का जीर्णोद्धार किया है, जिसके कारण संबंधित इलाके में जलस्तर ऊंचा उठने लगा है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता गडकरी ने कहा, इस पहल को लागू करने में बहुत ही मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यह काम अलग-अलग विभागों का होने की वजह से इसे अमलीजामा पहनाने में काफी दिक्कतें आईं। लेकिन इस परियोजना के कारण न तो एनएचएआई का बजट बढ़ा और न ही समय बर्बाद हुआ, उल्टे लागत में कमी आई।

गडकरी ने बताया कि पहले सडक़ निर्माण के लिए जो खनिज और सामान बाहर से लाए जाते थे, वे अब निर्माण क्षेत्र के पास में ही मिल जाते हैं। आगे भी अगर इस तरह के कार्यक्रम बनाए गए तो एक तो सडक़ निर्माण कार्य के खर्च में बचत होगी और आस-पास के तालाब, नदियों को दोबारा जीवित किया जा सकेगा और सूखाग्रस्त इलाके सूखामुक्त किए जा सकेंगे।

BIHAR ASSEMBLY ELECTION : महागठबंधन में नहीं बनी सहमति CM उम्मीदवार तेजस्वी को लेकर!

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पटना। बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सत्ताधारी जनता दल (युनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में एकमत हैं, लेकिन भाजपा गठबंधन को सत्ता से हटाने की बात करने वाले विपक्षी दलों के महागठबंधन में अब तक मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर सहमति नहीं बन सकी है।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने हालांकि पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को अगले चुनाव के लिए मुख्यमंत्री प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा कर दी है, लेकिन महागठबंधन के अन्य घटक दल इस पर सहमत नहीं दिख रहे हैं। राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने स्पष्ट कहा, हम गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी हैं। तेजस्वीजी विपक्ष के नेता भी हैं। झारखंड में भी गठबंधन के सबसे बड़े दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता को मुख्यमंत्री प्रत्याशी बनाया गया था।

उल्लेखनीय है कि भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने भी यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 2020 के विधानसभा चुनावों में राजग गठबंधन का नेतृत्व करेंगे। इधर, महागठबंधन में अब तक मुख्यमंत्री प्रत्याशी को लेकर एक राय नहीं बन सकी है। महागठबंधन घटक दल कांग्रेस, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के इस मुद्दे पर अलग-अलग रुख हैं।

राजद ने हालांकि यह स्पष्ट कर दिया है कि घटक दलों को तेजस्वी को मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में स्वीकार करना होगा। बिहार प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष मदन मोहन झा कहते हैं, यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। अभी चुनाव में देरी है। हम लोग मई में नेतृत्व के मुद्दे पर चर्चा करेंगे। बैठक होनी है। हम इस पर अभी विचार कर रहे हैं।

इस बीच, कांग्रेस ने सासाराम से सांसद रहीं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए उठा कर नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्र ने कहा कि कांग्रेस में चेहरों की कमी नहीं है। उन्होंने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को बिहार का बड़ा चेहरा बताते हुए कहा कि राजद के साथ विचारधारा को लेकर गठबंधन है। पार्टी हर जिम्मेदारी उठाने को तैयार है।

रालोसपा के महासचिव राहुल कुमार ने कहा, हम एक साथ बैठेंगे और नेतृत्व के मुद्दे पर चुनाव के पहले सहमति बनाई जाएगी। राजग ने शिवसेना (महाराष्ट्र में) के साथ गठबंधन में अपना नेता तय किया था। हर कोई जानता है कि चुनाव के बाद क्या हुआ। कम से कम ऐसी स्थिति महागठबंधन में नहीं होगी। हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान भी इस पर ज्यादा कुछ नहीं बोले। उन्होंने कहा कि तेजस्वी के अलावा महागठबंधन में मुख्यमंत्री प्रत्याशी के रूप में अब तक कोई सामने नहीं आया है।

इस मुद्दे पर राजद से बात हुई है, राजद ने बैठक कर सब कुछ तय करने का आश्वासन दिया है। हम के प्रमुख जीतन राम मांझी भी कई बार सार्वजनिक मंचों से तेजस्वी यादव की आलोचना कर चुके हैं। राजद के प्रवक्ता तिवारी हालांकि यह भी कहते हैं कि महागठबंधन घटक दलों की बैठक को लेकर कहीं कोई समस्या नहीं है। बैठक तो होगी ही। तेजस्वीजी के नाम पर कोई समझौता नहीं हो सकता।

बहरहाल, राजद ने भले ही तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाकर चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति बनाई हो, लेकिन महगठबंधन में शामिल घटक दल अभी भी इस मुद्दे को लेकर आपस में बातचीत करने की बात कर रहे हैं। ऐसे में संभावना है कि घटक दल चुनाव पूर्व दबाव बनाने की रणनीति के तहत बयानबाजी कर रहे हों, लेकिन इतना तो तय है कि महागठबंधन में मुख्यमंत्री के चेहरे के लेकर अभी तक एक राय नहीं बन पाई है।

अनोखी मानव श्रृंखला बिहार में, 16 हजार किलोमीटर से ज्यादा लंबी होने की संभावना

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पटना। बिहार में जल-जीवन-हरियाली अभियान के साथ नशा मुक्ति, बाल विवाह रोकथाम एवं दहेज प्रथा उन्मूलन को लेकर जागरूकता अभियान के तहत रविवार को अनोखी मानव श्रृंखला बनी। राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक राज्य में करीब सवा चार करोड़ से अधिक लोगों ने सुबह 11.30 बजे से 12 बजे तक एक-दूसरे का हाथ थामा।

मानव श्रृंखला का मुख्य आयोजन पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में हुआ, जहां राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इनके अलावा सरकार के आला अधिकारियों का दल भी एक-दूसरे के हाथ से हाथ जोड़े कतारबद्घ हुआ। इस मानव श्रृंखला की तस्वीर लेने के लिए ड्रोन और हेलीकॉप्टर मंगवाए गए।

शिक्षा विभाग के एक अधिकारी का दावा है कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर जन जागरूकता के लिए यह संभवत: दुनिया की सबसे बड़ी मानव श्रृंखला है। राज्य सरकार की ओर से श्रृंखला के नोडल शिक्षा विभाग के साथ ही सभी जिलों ने तमाम तैयारियां पूरी कर ली गई थी। रविवार को सुबह से ही विभिन्न सडक़ों पर स्कूली बच्चे एक-दूसरे के हाथ थामे खड़े हो गए।

जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत बनी यह मानव श्रृंखला करीब 16 हजार किलोमीटर लंबी होने की उम्मीद है, जिसमें चार करोड़ 27 लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। मानव श्रृंखला को लेकर सुरक्षा के भी पुख्ता प्रबंध किए गए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले बिहार में शराबबंदी को लेकर जनजागरूकता अभियान के तहत 21 जनवरी 2017 को तथा 21 जनवरी 2018 को दहेज और बाल विवाह के खिलाफ भी मानव श्रृंखला बनाई गई थी।

MADHYA PRADESH :भाजपा की CAA के समर्थन में रैली, महिला डेप्युटी कलेक्टर ने मारा तो खींचे बाल

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राजगढ़। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में उतरे लोगों और प्रशासनिक महिला अधिकारियों के बीच जमकर झूमा-झपटी हुई। पुलिस जवानों ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग भी किया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने बल प्रयोग करवाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

राजगढ़ के ब्यावरा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्थानीय लोगों के साथ सीएए के समर्थन में रविवार को रैली निकालने का ऐलान किया था। रैली में शामिल लोगों और डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा के बीच धक्का-मुक्की हो गई। पुलिस जवानों ने भी भाजपा कार्यकर्ताओं पर बल प्रयोग किया।

नेता प्रतिपक्ष भार्गव का आरोप है कि ब्यावरा में लोकत्रांतिक तरीके से रैली निकाल रहे भाजपा कार्यकर्ताओं और जनता को अधिकारियों ने कानून हाथ में लेकर बेरहमी से पीटा है। इससे लगता है कि सरकारी कर्मचारी सेवक नहीं, बल्कि सरकार के गुलाम होकर काम कर रहे हैं।

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उन्होंने कहा, “जिस जनता की गाढ़ी कमाई से जिन अधिकारियों को वेतन मिलता है, वही अधिकारी अब जनता को मारने पर तुले हैं। अधिकारी सरकार के इशारे पर जिस तरीके से गुंडागर्दी करने पर उतर आए हैं, इसका परिणाम उन्हें भुगतना होगा।”

भार्गव ने सीएए समर्थन रैली में नागरिकों पर प्रशासन द्वारा लाठीचार्ज किए जाने की घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री कमल नाथ से दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

आरोप लगाते हुए चौहान ने उन्हें चेतावनी दी है कि वे न भूले कि कोई सरकार स्थायी नहीं होती है।

ये है सबसे खूबसूरत भारत की आदिवासी महिला, मिसेज राजस्थान 2018 का जीत चुकी है खिताब

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वर्तमान में सोशल मीडिया फेमस होने के लिए एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म बन गया है। जिसकी वजह से लोग रातों ही रात में जमीन से आसमान की ऊंचाइयों पर पहुंच जाते हैं। आइए हम भारत की सबसे खूबसूरत आदिवासी महिला प्रीति मीणा की बात कर रहे है। यह राजस्थान की सबसे खूबसूरत महिला हैं। इन्होंने 2018 में मिसेज राजस्थान का खिताब भी जीता था।

बता दें कि एक छोटे से परिवार में रहने वाली प्रीति मीणा के पति एक इंस्पेक्टर हैं। वर्तमान में ये महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित करती हैं और अपने बच्चों के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत कर रही हैं।

बता दें कि प्रीति मीणा मॉडलिंग व कक्षा 12वीं से पीजी तक पढ़ाई में भी टॉपर रही थी। फिलहाल प्रीति समाज में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महिला अत्याचार, स्वच्छ भारत अभियान, महिला सशक्तिकरण जैसे कार्यक्रमों में सहभागिता निभाकर समाज में सकारात्मकता का संदेश दे रही हैं।

मिसेज इंडिया यूनिवर्स 2018 की फाइनलिस्ट प्रीति मीणा का विशेषकर महिलाओं के लिए संदेश है कि जो भी सपना देखो, उसे पूरा करने का जज्बा भी रखो।

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तीन वर्षीय पुत्र-पुत्री जुड़वां बच्चों की मां प्रीति ने बतौर गृहिणी घर-परिवार की जिम्मेदारियों को निभाते हुए यह मुकाम हासिल किया है।

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साईं बाबा के जन्म स्थल पर विवाद! आज से शिरडी बंद का ऐलान किया CM के बयान से भडक़े श्रद्धालुओं ने

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शिरडी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पाथरी को साईं बाबा का जन्मस्थान बताने से नाराज शिरडी के लोगों ने रविवार से अनिश्चितकालीन बंद की घोषणा की है। हालांकि बंद के बावजूद साईं बाबा का मंदिर और मंदिर ट्रस्ट से जुड़े साईं आश्रम खुले रहेंगे। साईं मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपक मुगलीकर के मुताबिक बंद में मंदिर ट्रस्ट शामिल नहीं है।

श्रद्धालुओं को कोई परेशानी नहीं होगी। दूसरी ओर, प्रशासन ने यहां नासिक से काफी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है। शिरडी सहित करीब 25 गांव के लोग आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि हमें पाथरी के विकास से आपत्ति नहीं है, लेकिन उसे साईं की जन्मभूमि कहना सही नहीं है।

इससे पहले साईं बाबा और उनके माता-पिता के बारे में भी कई गलत दावे किए जा चुके हैं। जब तक मुख्यमंत्री अपने बयान को वापस नहीं लेंगे, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। आपको बता दें कि परभणी जिले का पाथरी, शिरडी से करीब 275 किलोमीटर दूर है। मुख्यमंत्री ने 9 जनवरी को इसे साईं की जन्मभूमि बताते हुए इसके विकास के लिए 100 करोड़ रुपए का ऐलान कर दिया।

उद्धव से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी पाथरी को लेकर ऐसा ही ऐलान किया था। वर्ष 2018 में साईं समाधि शताब्दी समारोह का उद्घाटन करने पहुंचे राष्ट्रपति ने कहा था कि पाथरी सार्इं बाबा का जन्म स्थान है। मैं पाथरी के विकास के लिए काम करूंगा। उल्लेखनीय है कि सार्इं ट्रस्ट दुनिया के सबसे अमीर धार्मिक ट्रस्टों में से एक है। पिछले साल साईं दरबार में 287 करोड़ का चढ़ावा आया था। इसमें कैश के अलावा 19 किलो सोना और 392 किलो चांदी भी मिली। साल 2018 में 285 करोड़ का चढ़ावा आया था।

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ये है सबसे खूबसूरत भारत की आदिवासी महिला, मिसेज राजस्थान 2018 का जीत चुकी है खिताब

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वर्तमान में सोशल मीडिया फेमस होने के लिए एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म बन गया है। जिसकी वजह से लोग रातों ही रात में जमीन से आसमान की ऊंचाइयों पर पहुंच जाते हैं। आइए हम भारत की सबसे खूबसूरत आदिवासी महिला प्रीति मीणा की बात कर रहे है। यह राजस्थान की सबसे खूबसूरत महिला हैं। इन्होंने 2018 में मिसेज राजस्थान का खिताब भी जीता था।

बता दें कि एक छोटे से परिवार में रहने वाली प्रीति मीणा के पति एक इंस्पेक्टर हैं। वर्तमान में ये महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित करती हैं और अपने बच्चों के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत कर रही हैं।

बता दें कि प्रीति मीणा मॉडलिंग व कक्षा 12वीं से पीजी तक पढ़ाई में भी टॉपर रही थी। फिलहाल प्रीति समाज में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महिला अत्याचार, स्वच्छ भारत अभियान, महिला सशक्तिकरण जैसे कार्यक्रमों में सहभागिता निभाकर समाज में सकारात्मकता का संदेश दे रही हैं।

मिसेज इंडिया यूनिवर्स 2018 की फाइनलिस्ट प्रीति मीणा का विशेषकर महिलाओं के लिए संदेश है कि जो भी सपना देखो, उसे पूरा करने का जज्बा भी रखो।

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तीन वर्षीय पुत्र-पुत्री जुड़वां बच्चों की मां प्रीति ने बतौर गृहिणी घर-परिवार की जिम्मेदारियों को निभाते हुए यह मुकाम हासिल किया है।

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