बाजार:- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फिनटेक के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं और 100 फिनटेक के पेमेंट गेटवे और बैंक खातों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। सूत्रों का कहना है कि ईडी ने यह निर्णय इसलिए लिया है क्योंकि उसे इन खातों से विदेशी लेंन देंन का शक था। जानकारी के लिए बता दें जिन फिनटेक के बैंक खातों पर रोक लगाई गई है उनमें पगारबुक,प्रोपेल्ड, प्रोगकैप, क्रेडिली, पॉकेलटी और क्रेजीबी प्रमुख नाम हैं।
ईडी फिनटेक को समन भेजा है और उनके नाम प्रदर्शित करने को मना किया है। ईडी ने इन फिनटेक को 50 सवाल भेजे हैं और इससे ऐसा लगता है वह इन कंपनियों में चीन की हिस्सेदारी या चीन का संबंध जानना चाहता है। एक और कंपनी के प्रमुख ने कहा कि उसका कार्यक्षेत्र मानव संसाधन में है और कर्ज कारोबार से कोई लेना-देना नहीं है।
फिनटेक का कहना है कि बैंक खाता पर रोक लगाने से कर्मचारियों को वेतन देने में परेशानी होगी।
एफएक्यू से वर्चुअल डिजिटल संपत्तियों पर आयकर और जीएसटी लगाने के बारे में चीजें स्पष्ट हो सकेंगी। एफएक्यू का मसौदा आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए), रिजर्व बैंक और राजस्व विभाग द्वारा तैयार किया जा रहा है। क्रिप्टोकरेंसी और वर्चुअल डिजिटल संपत्ति पर कर को लेकर बार-बार पूछे जाने वाले सवालों पर काम चल रहा है। हालांकि, अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न सूचना के उद्देश्य से होते हैं और इनकी कोई कानूनी वैधता नहीं होती।
