Ration card cancellation: केंद्र सरकार ने लोगो को लाभ देने और उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए कई योजनाओं का संचालन किया। यह योजनाएं ऐसी थी जिनका लाभ हर जरूरत मंद को मिला और कोरोना के भीषण तांडव में यह गरीबो के लिए अन्नपूर्णा साबित हुई। वही केंद्र सरकार ने लोगो को सस्ते में राशन दिलाने के लिए राशन कार्ड योजना शुरू की। इस योजना के तहत लोग राशन कार्ड का उपयोग करके सस्ते में राशन खरीदते हैं यह योजना सामान्य तौर पर बीपीएल सूची में आने वाले लोगो के लिए काफी कारगर साबित हुई है।
वही अब खबर है कि सरकार राशन कार्ड को लेकर सख्ती दिखा रही है। सरकार अब कई लोगो का राशन कार्ड निरस्त करने की योजना बना रही है। जिसपर सरकार ने काम आरम्भ कर दिया है। वही जा हम आपको बताने जा रहे हैं कि सरकार किन लोगों का राशन कार्ड निरस्त करने जा रही है और इसके पीछे की वजह क्या है। असल मे सरकार राशन कार्ड पर होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए राशन कार्ड निरस्त करने की बात कर रही है।
सरकार की राशन कार्ड योजना को लेकर बिहार सरकार ने सख्ती दिखाई है। प्रदेश के गया जिले के शेरघाटी में 12 हजार से ज्यादा संदिग्ध राशनकार्डों की पहचान की गई है। उनको तुरंत रद्द करने की कार्रवाई शुरु हो चुकी है। राशन कार्ड को कैंसिल करने से पहले कार्डधारियों से नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। राशन कार्ड के परिपेक्ष्य में हुए सर्वे में यह खुलासा हुआ है कि ज्यादातर राशन कार्ड ऐसे लोगो के पास है जिनको राशन कार्ड की आवश्यकता नहीं है और कई राशन कार्ड ऐसे है जिनपर पिछले 6 महीनों से राशन नहीं लिया गया है।
इस सर्वे के बाद कहा गया है कि 3 कमरों से ज्यादा के पक्के मकान, खेत-जमीन और ट्रेक्टर-ट्रक, कार-बाइक के मालिकों या फिर सरकारी नौकरी करने वालों की पहचान कर उनके राशन कार्ड रद्द किए जा रहे हैं। शेरघाटी के एसडीओ अनिल कुमार रमण ने कहा कि शेरघाटी अनुमंडल में 2 लाख 27 हजार राशन कार्डधारी परिवार हैं। उन्होंने बताया कि कार्डधारी परिवारों को दिए गए नोटिस के जवाब के आधार पर अपात्र पाए गए 1,374 परिवारों के राशन कार्ड रद्द भी किए जा चुके हैं। शेरघाटी के प्रखंड के सर्वाधिक 626 परिवारों के राशन कार्ड रद्द किए गए हैं। वहीं शेरघाटी शहर में 145, डुमरिया में 356, गुरुआ में 116 और आमस में 131 राशन कैंसिल कर दिए है।
