ट्रक ड्राइवर के छोरे ने किया राजस्थान टॉप, बारहवीं में सबसे ज्यादा अंक लाकर रचा इतिहास

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Rajasthan 12th Arts Result Topper जयपुर । 12वीं आर्ट्स का रिजल्ट 97 फीसदी रहा है। लेकिन दुडवा गांव के चंद्रप्रकाश ने 98 फीसदी अंक हासिल कर जिले में टॉप किया है। (Rajasthan 12th Arts Result Topper) मोहन नेहरा को 97.40 फीसदी अंक मिले और जिला दूसरे स्थान पर रहा। मोहन चंद्रप्रकाश के पिता ट्रक ड्राइवर हैं। वेतन पर ट्रक राजस्थान में ही चलाते हैं। पिता अपने बेटे को पढ़ाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। टॉपर का कहना है कि मुझे सिविल सर्विस में जाकर अपने पिता का सपना पूरा करना चाहिए। अब मैं सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट की तैयारी कर रहा हूं।

दरअसल बाड़मेर में इस बार आर्ट्स का रिजल्ट 97 फीसदी रहा है। साल 2020 के मुकाबले इस बार आर्ट्स के रिजल्ट में 4.46 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। साल 2020 में आर्ट्स का रिजल्ट 92.54 फीसदी था। वहीं साल 2021 में कोई परीक्षा नहीं हुई थी और प्रमोशन फॉर्मूले के आधार पर रिजल्ट तैयार किया गया था. 2021 में परीक्षा नहीं होने के कारण 99.32 प्रतिशत था। बाड़मेर जिले में 29514 छात्र पंजीकृत थे। इसमें 16209 लड़के, 13305 छात्राएं थीं। 28867 छात्रों ने परीक्षा दी है। रिजल्ट 97 फीसदी रहा है। बाड़मेर जिले के टॉपर चंद्र प्रकाश ने निजी स्कूल में 98 फीसदी और सरकारी स्कूल में मोहन नेहरा ने 97.40 फीसदी अंक हासिल किए है।

Rajasthan 12th Arts Result Topper

टॉपर चंद्र प्रकाश का कहना है कि 10वीं में 90 फीसदी अंक लाने के बाद सोचा था कि शहरी क्षेत्र में जाकर अच्छे स्कूल में पढ़ूंगा, लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण मैंने ग्रामीण परिवेश में पढ़ाई की। लेकिन अब मुझे सिविल सर्विस में जाकर अपने पिता का सपना पूरा करना है।

मोहन नेहरा का कहना है कि अगर किसी छात्र को लगता है कि सरकारी स्कूल में पढ़ाई नहीं होती है, लेकिन मैंने सरकारी स्कूल में पढ़कर यह मुकाम हासिल किया है। सरकारी स्कूल में बहुत अच्छे शिक्षक हैं। उन्हीं शिक्षकों के कारण मैं प्रथम और द्वितीय स्थान पर रहा हूं।

टॉपर के पिता ट्रक ड्राइवर

बाड़मेर जिले के गांव बैतू दुधवा निवासी चंद्र प्रकाश पुत्र मगरम जानी ने सरस्वती पब्लिक स्कूल पारे से 98 फीसदी अंकों के साथ 12वीं पास की है। चंद्र प्रकाश ने शुरुआत में दुधवा के एक स्कूल में पढ़ाई की थी। वहीं 10वीं में 90% मार्क्स आए थे। इसके बाद 11वीं के लिए गांव में कोई स्कूल नहीं था, इसलिए उन्होंने पारेऊ के सरस्वती स्कूल में दाखिला लिया। हॉस्टल में रोजाना 7-8 घंटे पढ़ाई की और अब बाड़मेर जिले का टॉपर रहा है। कला वर्ग में जिले ने सर्वाधिक 98 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। चंद्र प्रकाश के पिता ट्रक ड्राइवर हैं। ट्रक का मालिक नहीं है और वेतन पर ट्रक चलाता है। अब चंद्र प्रकाश ने जिले में टॉपर बनकर जिले का नाम रोशन किया है। पिता मगरम के दो बेटे और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियां चंद्रप्रकाश से बड़ी हैं।

सरकारी स्कूल का छात्र रहा दूसरा

जिले के बिसरनिया गांव निवासी मोहन नेहरा के पुत्र रामचंद ने रौमवी बिसरनिया के सरकारी स्कूल से 12वीं कला में 97.40 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। मोहन बताते हैं कि शुरुआत में वह 3-4 घंटे पढ़ाई करते थे, जबकि उसके बाद जब परीक्षा होती थी तो 7-8 घंटे की तैयारी करते थे। अब बाड़मेर शहर में किराए के कमरे में रहकर कट (सेंट्रल यूनिवर्सिटी) की तैयारी कर रहे हैं। मोहन के पिता रामचंद्र किसान हैं और खेती करते हैं। मोहन के खुद 5 भाई और दो बहनें हैं। मोहन का बड़ा भाई जुंझाराम एयरफोर्स सर्विस में है, जिसमें छोटा जसराज प्राइवेट स्कूल संचालक है। रूपकिशोर आरईईटी की तैयारी कर रहा है। भाई इदान इंजीनियर हैं। मोहन सबसे छोटा है। 10वीं में 93.83 फीसदी अंक आए हैं।

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