Sunday, 27 September 2026
Home
jansandeshonline.com
Viral खबरें 27 May 2026• 03:55 PM

क्या सुपर कंप्यूटर आपका बैंक पासवर्ड तोड़ सकते हैं ? जानिए RBI की नई ‘Q-Safe' योजना

RBI Q-Safe Committee: भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकिंग सिस्टम को साइबर हमलों से बचाने के लिए 'क्यू-सेफ' कमेटी बनाई है। जानें कैसे भविष्य के खतरों से सुरक्षित होगा आपका पैसा।

JS Team

27 May 2026

क्या सुपर कंप्यूटर आपका बैंक पासवर्ड तोड़ सकते हैं ? जानिए RBI की नई ‘Q-Safe' योजना

मुंबई: आज के दौर में हमारा पूरा जीवन मोबाइल और डिजिटल बैंकिंग के इर्द-गिर्द घूमता है। एक क्लिक पर पैसे भेजना और मंगवाना जितना आसान है, पर्दे के पीछे इसे सुरक्षित रखना उतना ही चुनौतीपूर्ण। इसी सुरक्षा को एक कदम आगे ले जाते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा और दूरदर्शी फैसला लिया है।

आरबीआई ने ‘क्यू-सेफ’ (Q-Safe) नाम की एक विशेष कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी किसी आम समस्या के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की सबसे जटिल तकनीक ‘क्वांटम टेक्नोलॉजी’ से होने वाले खतरों से निपटने के लिए बनाई गई है।

1. आखिर क्या है ‘Q-Safe’ और इसकी जरूरत क्यों पड़ी?

क्वांटम कंप्यूटिंग दुनिया की वह तकनीक है जो आने वाले समय में सुपर कंप्यूटरों को भी पीछे छोड़ देगी। जहाँ यह तकनीक विज्ञान और चिकित्सा में क्रांति लाएगी, वहीं बैंकिंग सेक्टर के लिए यह एक ‘टाइम बम’ की तरह भी है।

मौजूदा समय में हमारी बैंकिंग सुरक्षा (Encryption) जिन कोड्स पर टिकी है, उन्हें तोड़ना आज के कंप्यूटरों के लिए नामुमकिन है। लेकिन क्वांटम कंप्यूटर इन कोड्स को कुछ ही सेकंड में तोड़ सकते हैं। इसी खतरे को भांपते हुए आरबीआई ने ‘Q-Safe’ कमेटी बनाई है, ताकि बैंकिंग सिस्टम को ‘पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी’ (PQC) के लिए तैयार किया जा सके।

2. हैकर्स के ‘ब्रह्मास्त्र’ का काट है यह कमेटी

इस कमेटी का मुख्य उद्देश्य भारतीय वित्तीय संस्थानों की साइबर सुरक्षा को इतना मजबूत करना है कि भविष्य के हाई-टेक हैकर्स भी इसमें सेंध न लगा सकें। कमेटी के जिम्मे ये मुख्य काम होंगे:

  • खतरों की पहचान: यह पता लगाना कि क्वांटम तकनीक भारतीय बैंकों के डेटा को कैसे नुकसान पहुँचा सकती है।

  • सुरक्षा का नया मानक: पुराने एन्क्रिप्शन सिस्टम को हटाकर नए ‘क्वांटम-सुरक्षित’ सुरक्षा मानकों को लागू करना।

  • ग्लोबल स्टैंडर्ड: दुनिया भर में इस क्षेत्र में हो रहे बदलावों और अंतरराष्ट्रीय मानकों (International Standards) का अध्ययन करना और उन्हें भारत में लागू करने का रोडमैप तैयार करना।

3. आम आदमी और निवेशकों पर क्या होगा असर?

अगर आप सोच रहे हैं कि इस हाई-टेक खबर का आपसे क्या लेना-देना, तो आप गलत हैं। यह सीधे तौर पर आपकी मेहनत की कमाई से जुड़ा मामला है।

  • सुरक्षित डिजिटल पेमेंट: यूपीआई (UPI) और नेट बैंकिंग भविष्य में भी सुरक्षित बनी रहेगी।

  • डेटा की प्राइवेसी: आपके आधार, पैन और बैंक खाते की जानकारी को कोई भी सुपर कंप्यूटर हैक नहीं कर पाएगा।

  • भरोसा: बैंकिंग सिस्टम में जनता का विश्वास बना रहेगा, जो किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती है।

निष्कर्ष:
आरबीआई का ‘Q-Safe’ मिशन यह दर्शाता है कि भारत की वित्तीय प्रणाली केवल आज की समस्याओं का समाधान नहीं कर रही, बल्कि 10-20 साल बाद आने वाले खतरों के लिए भी तैयार है। तकनीक के इस दौर में सुरक्षा ही सबसे बड़ी पूंजी है, और ‘Q-Safe’ उसी सुरक्षा का नया नाम है।


FAQ:

1. क्वांटम टेक्नोलॉजी बैंकिंग के लिए खतरा क्यों है?
क्वांटम कंप्यूटर आज के कंप्यूटरों के मुकाबले करोड़ों गुना तेज होते हैं। वे उन सुरक्षा कोड्स (Encryption) को आसानी से तोड़ सकते हैं जो अभी हमारे बैंक खातों और ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस को सुरक्षित रखते हैं।

2. RBI की ‘Q-Safe’ कमेटी का मुख्य काम क्या है?
यह कमेटी भविष्य की क्वांटम तकनीक से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले साइबर खतरों का आकलन करेगी और उनसे बचने के लिए नए सुरक्षा मानक (जैसे पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी) तैयार करेगी।

3. क्या मुझे अपने बैंक खाते की सुरक्षा के लिए कुछ करने की जरूरत है?
नहीं, यह सरकारी और बैंकिंग स्तर पर किया जा रहा एक बड़ा सुरक्षा बदलाव है। आम ग्राहकों को केवल यह भरोसा मिलेगा कि उनका डिजिटल पैसा भविष्य की तकनीकों के सामने भी सुरक्षित रहेगा।

Read Next

उत्तर प्रदेश

यूपी में फिर बदलेगा मौसम: बुधवार से लखनऊ सहित 40 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात के आसार

उत्तर प्रदेश में बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम के कारण बुधवार से लखनऊ सहित 40 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की संभावना है।

Kavita Kelkar• 21 September 2026
राष्ट्रीय

UPI Charge Dispute: क्या अब यूपीआई पेमेंट पर देना होगा चार्ज? नीति आयोग ने बताया क्यों जरूरी है यह शुल्क

क्या अब यूपीआई से लेन-देन पर चार्ज देना होगा? नीति आयोग ने स्पष्ट किया है कि बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और बैंकों की वित्तीय सेहत के लिए मामूली शुल्क जरूरी है।

Kavita Kelkar• 16 September 2026