डेस्क। अक्षय कुमार की फिल्म सम्राट पृथ्वीराज (Samrat Prithviraj) तीन जून 2022 को एक लंबे विवाद के बाद सिनेमा घरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म में अक्षय कुमार सम्राट पृथ्वीराज चौहान के रोल में नजर आने वाले हैं। इस फ़िल्म में पूर्व मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर राजकुमारी संयोगिता के रोल में नज़र आएंगी। फिल्म को डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने डायरेक्ट किया है। फ़िल्म के रिलीज से पहले अक्षय कुमार और डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने फिल्म की मेकिंग से लेकर इतिहास पर हो रही बहसो पर खुलकर बात की है।
मीडिया संस्थान Times Now Navbharat के कार्यक्रम ‘सवाल पब्लिक का’ में एडिटर इन चीफ नाविका कुमार से बातचीत में अभिनेता Akshay Kumar ने कहा, ‘ये आठवीं क्लास की किताब है। किताब के अंदर सम्राट पृथ्वीराज चौहान और हमारे हिंदू राजाओं के बारे में केवल चार लाइने लिखी है। वहीं, मुगल साम्राज्य का इतिहास पूरी किताब में भरा पड़ा है।
आगे उन्होंने कहा कि हमें इसको धर्म के हिसाब से नहीं बल्कि कल्चर के तौर पर देखने की जरूरत है। सम्राट पृथ्वीराज चौहान का इतिहास गंगा से होते हुए सोमनाथ मंदिर तक जाता है, इसके बाद अक्षय कुमार ने दिल्ली का भी जिक्र किया है।’
सम्राट पृथ्वीराज के डायरेक्टर डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने कहा, ‘मैं समझता हूं कि 1947 में जब देश आजाद हुआ था तब देश को निर्णय करना था कि वह कौन सी चेतना है जिसके आधार पर देश का भविष्य तय होगा। मुझे याद आता है कि फ्रांस के एक विद्वान ने कहा था कि, ‘क्या हम आदि गुरु शंकराचार्य के अद्वैत या वेदांत के रास्ते पर चलेंगे।
आगे उन्होंने कहा कि उस समय जो देश चला रहे थे उनके दिमाग में ये बात थी ही नहीं। इसके बाद सेक्युलरिज्म और धर्मनिरपेक्षता के नाम पर, लोगों के मन में अपराध को पैदा किया।’ ‘हमारा इतिहास वैदिक काल से शुरू होता है। लेकिन, ऐसा क्यों हुआ कि वैदिक काल के इतिहास चाहे वह चंद्रगुप्त मौर्य की बात करते हैं तो केवल एक ही पैराग्राफ में खत्म हो जाता है। लंबे समय के बाद देश में ऐसी सरकार आई है, जो अपने अतीत पर सवाल कर रही है।’
