आदिपुरुष का सच सुन लें फिर देखने जाएं फिल्म

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Adipurush Controversy: रामायण आधारित फिल्म आदिपुरुष कल सिनेमा घरों में रिलीज हो गई है। फिल्म में प्रभास ने श्री राम, सनी सिंह ने लक्ष्मण, कृति सेनन ने माता सीता, सैफ अली खान रावण और  ‘हनुमान का किरदार देवदत्त नागे ने निभाया है। लेकिन यदि आप इस फिल्म को अपने परिवार के साथ देखने जाने का विचार बना रहे हैं और आपके मन में यह ख्याल है कि इसे देखकर आपके बच्चे सनातन अपने धर्म के विषय में कुछ ज्ञान अर्जित करेंगे तो आप बिलकुल गलत हैं। 

फिल्म में रामायण का रस एक बून्द भी नहीं नजर आएगा। पूरी फिल्म देखकर ऐसा प्रतीत होगा आप कोई वीडियो गेम देख रहे हैं। vfx का इतना उपयोग हुआ है कि फिल्म में वास्तविकता का कोई नाम नहीं है। कई जगह झूठ परोसा गया है। ब्रह्मा जी रावण को अमृत कलश का वर देने की वजह हिरण्यकशयप का वरदान देते दिखेंगे। सीता को आप स्वेत वस्त में देखेंगे। डायलॉग में कहीं -कहीं गीता का ज्ञान दिख जाएगा। प्रभास की एक्टिंग में दम दिखेगा लेकिन एनिमेशन उसे भी ले डूबा है। 

अगर हम फिल्म की भाषा की बात करें तो यह अभद्रता से भरी हुई है। भाषा सुनकर आपको ऐसा प्रतीत होगा आप किसी छपरी फिल्म का श्रवण कर रहे हैं। हनुमान जी लंका जाते हैं तो समुद्र लांघने के दौरान सुरसा का कॉन्सेप्ट गायब है। वह सीता जी से सीधे मिलने चले जाते हैं। रावण का एक असुर उनसे कहता है यह बगीचा तुम्हारी बुआ का नहीं है। अक्षय कुमार कहीं दिखेगा नहीं सीधे टैटू धारी मेघनाद आकर ब्रह्म फ़ांस की जगह जाल फांस में बांध लेगा। 

हनुमान जब रावण की काली लंका यानि स्वर्ण लंका नहीं है। में प्रवेश करते हैं तो रावण हथियार रेतता दिखेगा। पूछ में आग लगाने का विचार रावण का खुद का होगा। मेघनाद पूछ में आगे लगाते बोलेगा- जिसकी जलेगी उसको पता चलेगा।  हनुमान को कहते सुनोगे कि तेल तेरे बाप का, कपड़ा तेरे बाप का तो जलेगी भी तेरे बाप की। हद है हनुमान माँ बाप करते हैं फिल्म के मुताबिक। 

स्टोरी आगे बढ़ेगी और लंका दहन के बाद हनुमान जायेगे वापस तो वह बोलेगे जो हमारी बहनों को हाथ लगाएगा उसकी लंका लगा देंगे। विभीषण रावण को सलाह देते कहते दिखेंगे आप अपने काल के लिए कालीन बिछा रहे हैं। सबसे बड़ा ब्राह्मण रावण अपने पुष्पक विमान से न चलकर चमगादड़ से चलेगा। वह मांसाहारी भी होगा। नाग फ़ांस लगने पर लक्ष्मण का इलाज सुषैण बैध न करके विभीषण की पत्नी करेंगी। 

क्या है सारांश :

फिल्म में रामयाण की सौम्यता नहीं है। कई झूठ परोसे गए हैं। भाषा जाहिलो वही है। अगर आप गेमिंग के शौक़ीन हैं और तकनीकी से लैस लंका देखना चाहते हैं तो आपको आदिपुरुष देखनी चाहिए क्योंकि यह फिल्म नहीं वीडियो गेम है और यदि आप रामायण समझना चाहते हैं तो आप रमानंद सागर की रामायण देखें, रामायण पढ़े क्योंकि यह फिल्म सनातन के साथ मजाक है। 

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