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लाइफस्टाइल 22 July 2026• 09:25 AM

Khajuraho Travel: खजुराहो का वो रहस्यमयी शिव मंदिर, जहां हर साल 1 इंच बढ़ जाता है शिवलिंग

Khajuraho Travel: हमारा भारत आस्था और चमत्कारों का देश है। यहां हर कोने में आपको ऐसे मंदिर मिल जाएंगे, जिनका अपना एक अलग और पुराना इतिहास है।

Mayank Gaur

22 July 2026

Khajuraho Travel: खजुराहो का वो रहस्यमयी शिव मंदिर, जहां हर साल 1 इंच बढ़ जाता है शिवलिंग

Khajuraho Travel: हमारा भारत आस्था और चमत्कारों का देश है। यहां हर कोने में आपको ऐसे मंदिर मिल जाएंगे, जिनका अपना एक अलग और पुराना इतिहास है। मध्य प्रदेश भी ऐसे ही कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के लिए जाना जाता है। लेकिन आज हम आपको मध्य प्रदेश के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो कोई साधारण मंदिर नहीं है।

क्या आपने कभी किसी ऐसे शिवलिंग के बारे में सुना है जिसका आकार हर साल अपने आप बढ़ जाता है? जी हां, यह बिल्कुल सच है। आज हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश के खजुराहो में स्थित ‘मतंगेश्वर महादेव मंदिर’ की। आइए, एक दोस्त की तरह बिल्कुल आसान भाषा में आपको इस अद्भुत मंदिर के रहस्य, इसके इतिहास और यहां पहुंचने के तरीके के बारे में बताते हैं।

क्या है इस मंदिर का रहस्य? (हर साल बढ़ता है शिवलिंग)
मतंगेश्वर महादेव मंदिर खजुराहो के सबसे प्रसिद्ध और पूजनीय शिव मंदिरों में से एक है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत इसके अंदर स्थापित शिवलिंग है। स्थानीय लोगों और पुजारियों का मानना है कि यह शिवलिंग हर साल करीब 1 इंच बढ़ जाता है।

वर्तमान में इस शिवलिंग की ऊंचाई लगभग 9 फीट है। सुरक्षा और संरक्षण के लिए इस विशाल शिवलिंग को पीतल और कांस्य धातु से ढका गया है। हर साल बढ़ता हुआ यह शिवलिंग वैज्ञानिकों के लिए भी एक कौतूहल का विषय रहा है और शिव भक्तों के लिए यह किसी बड़े चमत्कार से कम नहीं है।

कब और किसने करवाया था इसका निर्माण?
इस मंदिर का इतिहास कई सौ साल पुराना है। यूनेस्को (UNESCO) के अनुसार, मतंगेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण 10वीं शताब्दी में किया गया था। इस भव्य मंदिर को चंदेल वंश के प्रतापी राजा हर्षदेव के शासनकाल में बनवाया गया था। खजुराहो में वैसे तो कई प्राचीन मंदिर हैं, लेकिन मतंगेश्वर मंदिर को यहां के सबसे पुराने और प्रमुख मंदिरों में गिना जाता है।

मंदिर की बनावट में क्या है खास?
इस मंदिर की वास्तुकला (Architecture) आपको पुराने जमाने के शानदार काम की याद दिलाएगी। इस मंदिर को एक बहुत ही ऊंचे चबूतरे पर बनाया गया है। मंदिर के ऊपर बने हुए ऊंचे-ऊंचे ‘शिखर’ इस तरह से डिजाइन किए गए हैं कि वे दूर से देखने पर बिल्कुल कैलाश पर्वत (जो भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है) के प्रतीक लगते हैं। इसकी बनावट इतनी मजबूत और सुंदर है कि आज भी यह पर्यटकों को अपनी ओर खींच लेती है।

महाशिवरात्रि पर लगता है तीन दिन का भव्य मेला
वैसे तो यहां साल भर शिव भक्तों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर यहां की रौनक देखने लायक होती है। महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर प्रांगण में 3 दिनों का एक बहुत ही भव्य मेला लगता है। इस दौरान देश के कोने-कोने से लोग भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने और उनका विशेष श्रृंगार देखने के लिए खजुराहो पहुंचते हैं।

मंदिर जाने का सबसे सही समय क्या है?
अगर आप भी इस रहस्यमयी शिवलिंग के दर्शन करने का प्लान बना रहे हैं, तो यहां जाने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच का है। इस दौरान मध्य प्रदेश में मौसम काफी ठंडा और सुहावना रहता है। इसके अलावा, सावन के महीने में भी यहां जाकर आप प्राकृतिक सुंदरता और शिव भक्ति का आनंद ले सकते हैं।

दर्शन करने के बाद आप खजुराहो के अन्य ऐतिहासिक मंदिरों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। साथ ही, मंदिर के आसपास मौजूद छोटे कैफे और लोकल वेंडर्स से वहां के मशहूर ‘बुंदेलखंडी फूड’ का स्वाद लेना बिल्कुल मत भूलिएगा।

कैसे पहुंचें मतंगेश्वर महादेव मंदिर?
यहां पहुंचना बहुत ही आसान है। आप अपनी सुविधा के अनुसार कोई भी विकल्प चुन सकते हैं:

  • फ्लाइट से (By Air): आप अपने नजदीकी एयरपोर्ट से खजुराहो एयरपोर्ट तक की सीधी फ्लाइट बुक कर सकते हैं। एयरपोर्ट से मंदिर काफी करीब है।

  • ट्रेन से (By Train): अगर आप ट्रेन से सफर करना पसंद करते हैं, तो सीधे खजुराहो रेलवे स्टेशन का टिकट ले सकते हैं। स्टेशन के बाहर से आपको मंदिर तक जाने के लिए आसानी से ऑटो-रिक्शा या प्राइवेट कैब मिल जाएगी।

  • सड़क मार्ग (By Road): खजुराहो की सड़कें आसपास के शहरों (जैसे झांसी, ग्वालियर, दिल्ली) से बहुत अच्छी तरह जुड़ी हुई हैं, इसलिए आप अपनी कार या बस से भी यहां आराम से पहुंच सकते हैं।

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