कानपुर और गुरुग्राम निवासी सहित 18 छात्रों को बनाया था निशाना

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 यूपी एटीएस द्वारा मतांतरण के मामले में गिरफ्तार आरोपितों ने नोएडा के सेक्टर-117 में संचालित नोएडा डीफ सोसायटी में पढ़ाई कर चुके 18 छात्रों का मतांतरण भी कराया है। इनके बारे में नोएडा पुलिस विस्तृत जानकारी जुटा रही है। जांच में सामने आया है कि इनमें एक छात्र कानपुर का रहने वाला है और दूसरा गुरुग्राम निवासी है।गुरुग्राम में आइटीआइ की पढ़ाई के दौरान ही छात्र की दोस्ती कुछ मुस्लिम छात्रों से हुई थी। मुस्लिम दोस्तों ने उसे नोएडा के डीफ सोसायटी में दाखिला दिलाने में मदद की थी। केंद्र पर मूक बधिर छात्रों को कंप्यूटर की शिक्षा दी जाती है। दाखिले के बाद छात्र केंद्र में पढ़ाई के बजाय मुस्लिम दोस्तों के साथ दिल्ली में आयोजित होने वाली मजलिस में जाने लगा। दिल्ली के मरकज में उसकी मुलाकात मामले में एटीएस द्वारा गिरफ्तार आरोपित उमर गौतम से हुई थी। उमर ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर छात्र को मूल धर्म के प्रति दुर्भावना, घृणा पैदा कर एवं इस्लाम धर्म के प्रति विश्वास और पक्का कर उसका मतांतरण करा दिया। इसके बाद छात्र अपने मूल धर्म से नफरत करने लगा। घर जाने पर माता-पिता का भी कहना नहीं मानता। कई-कई दिनों तक घरों से बाहर रहता था।

आरोपित के चंगुल में फंसकर छात्र दिल्ली, हरियाणा व उत्तर प्रदेश में आयोजित मजलिस में गया। आरोपितों ने छात्र के करीबी हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद और नूंह निवासी छह अन्य लोगों का भी मतांतरण कराया है। यह लोग भी अपने घरों से कई दिन तक बाहर रहे। वहीं कानपुर निवासी छात्र के बारे में पुलिस को कुछ खास जानकारी हाथ नहीं लगी है। आशंका है कि इन दोनों छात्रों की तरह ही छात्रों को बहला फुसलाकर नोएडा के मूकबधिर केंद्र में पहले दाखिला दिलाया गया। इसके बाद सभी का मतांतरण कराया गया।एडिशनल डीसीपी नोएडा रणविजय सिंह ने बताया कि सेक्टर-49 कोतवाली पुलिस सभी छात्रों के बारे में जानकारी में जुटी रही है कि इन छात्रों ने नोएडा के मूक बधिर केंद्र पर किस वर्ष में दाखिला लिया था। कितने दिन पढ़ाई के लिए केंद्र पर पहुंचे और किस कोर्स में दाखिला लिया था। पढ़ाई के दौरान सभी छात्र कहां रुकते थे और वर्तमान में किस शहर में है।

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