नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने सोमवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए भाजपा नेताओं को फर्जी हिंदू करार दिया और आरोप लगाया कि सरकार गोलियों के माध्यम से आम जनता की आवाज दबाने का प्रयत्न कर रही है। चौधरी ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध में यह टिप्पणी की है।
कानून बनने के बाद से इसके चलते 9 दिसंबर 2019 से पूरे भारत में व्यापक हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। विवादास्पद अधिनियम से संबंधित विधेयक को शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में पारित किया गया था। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के हालिया बयान गोली मारो गद्दारों को का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार गोलियों के माध्यम से आम जनता की आवाज को दबा नहीं सकती है। दिल्ली में आठ फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है।
चुनाव के मद्देनजर भाजपा की रैली में ठाकुर के इस बयान पर काफी बवाल मचा था और यह संबोधन सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद चुनाव आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रचार करने को लेकर केंद्रीय मंत्री पर कुछ समय के लिए प्रतिबंध लगा दिया। चौधरी ने शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की और सरकार से सीएए पर पुनर्विचार करने को कहा।
चौधरी ने कहा, जब से नागरिकता संशोधन कानून लागू हुआ है, तब से लोग संविधान को बचाने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। आम लोगों पर गोलियां चलाई जा रही हैं और वे मर रहे हैं। सरकार गोलियों के माध्यम से आम जनता की आवाज को दबाने का प्रयत्न कर रही है। वह (भाजपा) ऐसा नहीं कर सकती है। वे फर्जी हिंदू हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने बीच में हस्तक्षेप कर कहा कि सीएए पर शीतकालीन सत्र में देर रात तक चर्चा आयोजित की गई थी। इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव के बाद कांग्रेस इस मुद्दे को उठा सकती है। उन्होंने कहा, मैं स्पीकर के माध्यम से आपसे अपील कर रहा हूं कि सदन को अपनी कार्यवाही जारी रखने दें।
