लाउडस्पीकर से अज़ान मौलिक अधिकारों का विरोध नहीं : कोर्ट ने खारिज की मांग याचिका

admin
By admin
2 Min Read

लंबे समय से लाउडस्पीकर पर जारी विवाद को लेकर हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किए जाने की इजाजत दिए जाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बदायूं की नूरी मस्जिद के मुतवल्ली की याचिका को खारिज करते हुए बड़ा बयान जारी किया है। हाईकोर्ट ने अजान के लिए लाउडस्पीकर की इजाजत दिए जाने से इनकार करते हुए। बदायूं के बिसौली तहसील के धोरनपुर गांव की नूरी मस्जिद के मुतवल्ली इरफान की तरफ से दाखिल याचिका को खारिज किया है। 

जिले के एसडीएम द्वारा लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की  इजाजत की मांग करने वाली अर्जी को खारिज किए जाने को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने याचिका में की गई मांग को गलत बताया और अर्जी को खारिज कर दिया।

याचिका में हाईकोर्ट से कहा गया था कि मौलिक अधिकारो के तहत लाउडस्पीकर बजाने की इजाजत मिलनी चाहिए।

इसपर जस्टिस विवेक कुमार बिड़ला और जस्टिस विकास बुधवार की डिवीजन बेंच ने कहा कि मस्जिद में अजान के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करना मौलिक अधिकार में कतई नहीं आता। साथ ही लाउडस्पीकर की इजाजत के लिए कोई अन्य ठोस आधार नहीं दिए गए हैं। अदालत ने इसे गलत करार देकर खारिज कर दिया।

बता दें कि यूपी-महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में लाउडस्पीकर पर विवाद चल रहा है। उत्तर प्रदेश में ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ यूपी पुलिस का अभियान लगातार जारी है। प्रदेश भर में धार्मिक स्थलों पर लगे 53942 लाउडस्पीकर अब तक उतारे गए हैं।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *