गोरखपुर के इस अस्पताल में डाक्टर कर रहे थे मुर्दे का इलाज !

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गोरखपुर । उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के एक अस्पताल में एक मृत व्यक्ति का इलाज किए जाने का मामला सामने आया है। रामगढ़ ताल थाना क्षेत्र में बने यीशू अस्पताल में मुर्दे का इलाज किया जा रहा था, ताकि परिजनों से ज्यादा से ज्यादा पैसा वसूला जा सके। वेंटिलेटर पर लिटाकर मृत व्यक्ति का इलाज किए जाने के बाद अस्पतल प्रशासन ने पीड़ित परिवार को 60 हजार का बिल थमा दिया।
मृतक के बेटे के रामईश्वर मुताबिक, पहले अस्पताल स्टाफ ने 5000 रुपये लिए, फिर 20 हजार, बाद में 60 हजार तक के बिल बनाए। हम लोगों को नहीं बताया गया कि पिता जी मर चुके हैं। उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट, वेंटीलेटर पर रखा गया था। जब छापा पड़ा तो पता चला कि हमारे पिता मर चुके हैं। बावजूद इसके उनका इलाज किया जा रहा है।

रामईश्वर ने आगे कहा कि जो होना था वह तो हो गया। हम लोग क्या कर सकते हैं। लेकिन अब दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। हम बस यही चाहते हैं। वहां पर दो-तीन और मरीज थे, उनसे भी कई लाख रूपये लेकर इलाज किया गया था।

अस्पतालों में ऐसे घटनाएं होना निश्चित रूप से सामान्य नहीं है, और यह अनैतिक और घातक होता है। अस्पतालों का मुख्य उद्देश्य रोगियों का इलाज करना होता है, और वहां के चिकित्सकों और कर्मचारियों का ध्यान रोगियों की सेवा में होना चाहिए। ऐसे घटनाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि लोगों की जान और स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

कानूनी कार्रवाई: यदि किसी अस्पताल में अनैतिक या अवैध गतिविधियाँ हो रही हैं, तो कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
अस्पताल प्रशासन की जांच: अस्पताल प्रशासन को इनके खिलाफ जांच करनी चाहिए और यदि कोई अनैतिक या अवैध गतिविधियाँ पाई जाती हैं, तो उन्हें सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
जागरूकता और शिकायत प्रक्रिया: रोगियों और उनके परिजनों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करना चाहिए और यदि कोई अस्पताल में अनैतिक या अवैध गतिविधियाँ हो रही हैं, तो उन्हें शिकायत करने की प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि अस्पतालों में अनैतिक या अवैध गतिविधियाँ नहीं हो रही हैं, सरकारी निगरानी और जांच की जानी चाहिए।

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