महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के घर ED का छापा, 10 बड़े बार मालिकों ने 4 करोड़ रुपये देने का लगाया था आरोप

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माहाराष्ट्र में जब कोरोना के बढ़ते मामलों पर नियंत्रण और लोगों की जान बचाने की जरूरत थी, उस समय उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में महाविकास अघाड़ी की सरकार वसूली में लगी थी। इसका खामियाजा महाराष्ट्र के साथ ही पूरे देश को भुगतना पड़ा है। लेकिन केंद्र सरकार के भ्रष्टचार के खिलाफ  जीरो टॉलरेंस की नीति और हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भ्रष्टाचारियों के खिलाफ अभियान जारी है। इसके तहत राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर गाज गिरी है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने देशमुख के पांच ठिकानों पर छापेमारी की है।

मुंबई के चार ठिकानों और एक नागपुर के एक ठिकाने पर ईडी ने तलाशी ली। अधिकारियों ने बताया कि धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत देशमुख के आवास पर तलाशी ली गई। ईडी की टीम भारी संख्या में पुलिस और केंद्रीय पुलिस बल के साथ देशमुख के आवास पर पहुंची, जिससे मामले में और कड़ी कार्रवाई की अटकलें तेज हो गईं।

हालांकि, ईडी की इस छापेमारी में क्या-क्या मिला है, अब तक इसकी डिटेल सामने नहीं आई है, मगर माना जा रहा है कि देशमुख से इस मामले में पूछताछ की जा सकती है। इससे पहले ईडी ने गुरुवार को डीसीपी राजू भुजबल का बयान दर्ज किया था। अप्रैल में सीबीआई ने मामले के सिलसिले में देशमुख के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनके चार परिसरों पर छापेमारी की थी।

अनिल देशमुख इस वक्त ईडी अधिकारियों की निगरानी में हैं। पिछले महीने मुंबई के 10 बड़े बार मालिकों ने अनिल देशमुख को 4 करोड़ रुपये देने की बात कही थी। इस पैसे के लेनदेन संबंधी जानकारी ईडी को मिली है इसी आधार पर रेड की गई है। वहीं मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने कि देशमुख ने बर्खास्त सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाझे और अन्य पुलिसकर्मियों को बार मालिकों से 100 करोड़ रुपये वसूलने का टारगेट दिया था। इन आरोपों की जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार ने जस्टिस चांदीवाल आयोग का गठन किया है।

गौरलतब है कि भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। सीबीआई भी देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार और कदाचार के आरोपों की जांच कर रही है। हाल ही में सीबीआई ने बंबई हाईकोर्ट से कहा था कि महाराष्ट्र सरकार राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ जांच में एजेंसी के साथ ‘सहयोग नहीं’ कर रही है। देशमुख भ्रष्टाचार और कदाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं।

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