कुशीनगर में पारंपरिक तरीके से की गोवर्धन पूजा

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पडरौना,कुशीनगर। सोमवार को जिले के पडरौना शहर समेत ग्रामीण इलाकों में गोवर्धन पूजा और भैया-दूज का त्योहार पारंपरिक रूप से हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। नगर से सटे सिधुवा बाजार बसहिया बनवीरपुर नौका टोला से जुडी लड़कियों और महिलाओं ने सुबह गाय के गोबर से गोवर्धन बनाया और दोपहर बाद मूसल से कूटकर भाइयों के दीर्घायु होने की कामना की। इस त्योहार के साथ ही मांगलिक कार्य भी प्रारंभ हो जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को गोवर्धन पूजा होती है। इस त्योहार के पीछे कई किंवदंतियां प्रचलित हैं। मान्यता है कि छह माह से सो रहे भगवान विष्णु गोवर्धन पूजा के दिन ही निद्रा का त्याग करते हैं। इसीलिए इन छह महीनों में विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं होते।
परंतु गोवर्धन पूजा के बाद से सभी मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं। दीपावली के दूसरे दिन पड़ने वाले इस त्योहार को भैया-दूज के रूप में भी जाना जाता है। सोमवार को सुबह लड़कियों और महिलाओं ने परंपरानुसार सुबह गांव में सार्वजनिक स्थानों पर समवेत रूप से गाय के गोबर से गोवर्धन बनाया। दोपहर बाद लड़कियों और महिलाओं ने उठहू हे देव उठहू,सुतले भईल छह मास..का पारंपरिक गीत गाते हुए गोवर्धन की मूसल से कुटाई करके भाइयों के दीर्घायु होने की कामना की।

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