1990 से पहले वाली कांग्रेस को कैसे तोड़ रही भाजपा

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Gujarat election:- गुजरात मे इस साल दिसंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव हेतु सभी राजनीतिक दल अपनी कमर कस चुके हैं। वही भाजपा यहां अपनी जीत का रिकॉर्ड कायम रखने की रणनीति तैयार कर रही है। वैसे तो 1990 से पूर्व इस सींट पर कांग्रेस का राज रहा लेकिन उस दौर के बाद गुजरात को भाजपा ने अपनी हिन्दू वादी रणनीति से साध लिया। कांग्रेस के काफी संघर्ष के बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में साल 2017 में कांग्रेस ने गुजरात मे अच्छा प्रदर्शन किया ओर भाजपा के लिए जीत की राह मुश्किल बनाई लेकिन जीत का ताज भाजपा के सर सजा ओर कांग्रेस बड़े विपक्षी दल के रूप में उभरी। लेकिन इस साल के चुनाव को लेकर भाजपा काफी एक्टिव दिख रही है ओर साल 2017 की गलतियों से सीखते हुए उन्हें सुधारने का हर सम्भव प्रयास कर रही है।

भाजपा की नजर इस समय सबसे ज्यादा अगर किसी समाज पर है तो वह पाटीदार समाज है। इसने साल 2017 में कांग्रेस का न सिर्फ समर्थन किया था बल्कि उसे जिताने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। पाटीदार समाज को अपनी ओर करने के लिए भाजपा ने पहला दाव तब खेला जब उसने विजय रुपाणी को गुजरात के मुख्यमंत्री पद से हटा दिया और भूपेंद्र पटेल को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया। इसके पीछे का कारण रूठे हुए पटेल समाज को मनाना था। क्योंकि पटेल आरक्षण के दौरान हार्दिक पटेल ने ओर पटेल समाज ने जमकर मोदी सरकार का विरोध किया। 
लेकिन साल 2022 में भाजपा ने पटेल समाज को अपनी ओर करने के लिए पटेल आरक्षण का नेतृत्व करने वाले ओर भाजपा का कड़ा विरोध करने वाले, अमित शाह को जनरल डायर बताने वाले हार्दिक पटेल को अपने खेमे में कर लिया है। वैसे तो हार्दिक पटेल अब भाजपा की बाते बोल रहे हैं ओर भगवा रंग में रंग गए हैं लेकिन विपक्षी दल उनके पुराने ट्वीट वायरल कर उन्हें टारगेट कर रहे हैं ओर उनको दलबदलू नेता बता रहे हैं। लोगो का कहना है कि हार्दिक पटेल भले ही भाजपा परिवार का हिस्सा बन गए हो लेकिन पटेल समाज अभी भी भाजपा के पक्ष में नही है हार्दिक ने पटेल समाज को ठगा है लेकिन हम हार्दिक की इस ठगी का हिस्सा नही बन सकते।