हिजाब पर फैसला देने वाले जजों को मिली Y+ सुरक्षा

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Karnataka| कर्नाटक के उड्डीपी से उठे हिजाब विवाद पर कर्नाटक हाई कोर्ट का फैसला आ गया है। हाई कोर्ट ने स्कूल में हिजाब प्रतिबंध के नियम को बरकरार रखते हुए कहा था कि हिजाब इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। हाई कोर्ट के इस फैसले के विरोध में मुस्लिम महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है वही कर्नाटक में इसको लेकर विवाद भी जारी है।

अब इस बीच इस संदर्भ में फैसला देने वाले कर्नाटक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश समेत तीन न्यायाधीशो को कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बाई कैटेगरी की सुरक्षा देने का फैसला लिया है। उन्होंने यह फैसला उनके जान के खतरे को ध्यान में रखते हुए लिया है। वही इस संदर्भ में तमिलनाडु से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। 
मुख्यमंत्री ने यह फैसला लेते हुए गिरफ्तार किए गए युवक से पूंछताछ करने के पुलिस को निर्देश दिए हैं और जल्द से जल्द इस मामले को सुलझाने की बात कही है। जानकारी के लिए बता दें न्यायाधीश रितुराज अवस्थी न्यायमूर्ति कृष्ण एस दीक्षित , न्यायमूर्ति जे एक खाजी की तीन सदस्यीय पीठ ने 15 मार्च को इस संदर्भ में अपना फैसला सुनाया था और मुस्लिम लड़कियों द्वारा याचिका को खरिज करते हुए हिजाब को इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं बताया था। बता दें छात्रों ने इस याचिका में क्लास के अंदर हिजाब पहनने की अनुमति मांगी थी लेकिन हाई कोर्ट ने अपने फैसले में यह स्पष्ट किया है कि स्कूल परिसर में स्कूल की यूनिफॉर्म ही पहन कर जाए। 
वही कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा है कि तीन न्यायधीशों को जान का खतरा है। न्यायधीशों के खिलाफ धमकी भरे शब्द के प्रयोग के सन्दर्भ में तहरीर दर्ज की गई है। आज से पूर्व इस प्रकार की चीजें कभी नहीं हुई है। कुछ राष्ट्र विरोधी ताकतें देश मे विभाजनकारी नीतियों को लागू करने का प्रयत्न कर रही है जो अनुचित है यह देश की व्यवस्था को आहत करेगी।

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