जाने किसने बनाया तिरंगा और सबसे पहले किस रंग में पेश किया गया था भारत का झंडा

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India: भारत की आजादी को 75 साल पूरे हो रहे हैं। भारत आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत को अंग्रेजों की गिरफ्त से आजादी दिलाने के लिये हर सम्भव प्रयास किया और देश को आजादी दिलाई। वही आजादी के अमृत महोत्सव के तहत देश मे 11 अगस्त से हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत हो रही है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त से अपनी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर तिरंगे की प्रोफाइल फोटो लगाने को कहा है। तो आइए जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी डीपी पर तिरंगे की फोटो लगाने का अनुरोध क्यों किया और इसका क्या राज है।

2 अगस्त के दिन पिंगलि वेंकय्या का जन्मदिन होता है यह वही व्यक्ति है जिन्होंने देश के तिरंगे को डिजाइन किया था। इनका जन्म जन्म 2 अगस्त 1876 को हुआ था. इनके पिता का नाम हनुमंतारायडु और माता का नाम वेंकटरत्नम्मा था। इन्हें कई भाषाओं का ज्ञान था और इन्हें अलग अलग विषय पढ़ने का काफी शौक था यह हर विषय पर अपनी मजबूत पकड़ बनाना चाहते थे। इन्होंने रेलवे में काम किया और ब्रिटिश भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दीं। 
जब देश मे स्वतंत्रता की ज्वाला जली तो यह स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हुए। यह महात्मा गांधी की विचारधारा से काफी प्रभावित रहते थे। वही उन्होंने देश के तिरंगे का निर्माण किया। कहा जाता है पहले उन्होंने भारत के झंडे को हरे व लाल रंग का बनाया लेकिन उसे उस समय के लोगो से अस्वीकार कर दिया। लेकिन उन्होंने प्रयास जारी रखा और तीन रंगों का नया तिरंगा प्रस्तुत किया। महात्मा गांधी ने 1921 में इसे स्वीकृति प्रदान की और उन्हें इस डिजाइन ने उम्दा पहचान दिलाई। 
जानकारी के लिये बता दें अब पिंगलि वेंकय्या को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग उठी है। वही केंद्र सरकार अब इनकीं फोटो के साथ डाक टिकट जारी करने जा रही है। इससे पहले साल 2009 में भी उनके नाम की टिकट जारी की गई थी। जानकारी के लिये बता दे हमारे तिरंगे में झंडे की लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 3:2 है। इसमे तीन रंग है। सबके ऊपर केसरिया रंग है, सफेद बीच में और हरा रंग सबसे नीचे है। इसके बीच मे एक चक्र बना हुआ है जिंसमे 24 तीलियां है। भारत की संविधान सभा ने राष्ट्रीय ध्वज का प्रारूप 22 जुलाई 1947 को अपनाया गया था। भारत मे तिरंगे का बहुत अधिक सम्मान होता है।

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