पार्थ चटर्जी: ममता बनर्जी सरकार के मंत्री पार्थ चटर्जी पर सरकार ने एक्शन लिया है और उन्हें पार्टी के सभी पदों से हटा दिया गया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उनके मंत्री पार्थ चटर्जी का नाम शिक्षक भर्ती घोटाले से सम्बद्ध है। जानकारी के लिये बता दें पार्थ चटर्जी जिस समय शिक्षा मंत्री थे उस समय यह घोटाला हुआ था। ईडी ने इस मामले में पार्थ चटर्जी और उनके करीबी अर्पिता मुखर्जी को हिरासत में लिया है। अर्पिता मुखर्जी के दोनो घरों से ईडी को 53 करोड़ की नगदी बरामद हुई है।
आज ईडी से पूंछताछ के दौरान अर्पिता मुखर्जी ने यह दावा किया गया है कि उन्हें उस फ्लैट में जाने की अनुमति नही थी जहाँ से ईडी को यह राशि बरामद हुई है। इस फ्लैट में केवल पार्थ चटर्जी व उनके कुछ खास लोग ही जा सकते थे। ईडी अर्पिता के इस दावे की पार्थ चटर्जी से पूंछताछ कर रही है। यदि वह इस दावे का विरोध करते हैं तो दोनो से इस मामले में आमने सामने बैठकर पूंछताछ की जाएगी।
आज दोपहर के समय तृणमूल कांग्रेस प्रवक्ता कुणाल घोष ने ट्वीटर के माध्यम से पश्चिम बंगाल सरकार से उन्हें सभी पदों से हटाने की अपील की थी और कहा था कि उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर सरकार को मेरे कथन से कोई आपत्ति है तो वह मुझे भी सभी पदों से हटा सकती है मैं एक सैनिक के रूप में पार्टी के लिये काम करता रहूंगा। वही अब ममता बनर्जी सरकार ने पार्थ चटर्जी के खिलाफ सख्त रख अपनाते हुए उन्हें पार्टी के सभी पदों से हटा दिया है।
