Europe Conflict Serbia: इन दिनों दुनिया में कई देशों के बीच हालात ठीक नज़र नही आ रहे हैं। वहीं फिलहाल रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग से दुनिया परेशान भी है। और पूरा विश्व यह चाहता है कि, किसी तरह यह जंग रुक जाए। साथ ही इस युद्ध के चलते पूरी दुनिया में मंदी का असर देखने को भी मिल रहा है। वहीं कई देशों के हालत काफी बुरे है। जिसमें खासकर पश्चिमी देशों में महंगाई चरम पर है। वहीं इन दोनों के अलावा भी कई और देश हैं जिनमें जंग के हालत बने हुए हैं तो कहीं पर शुरू भी हो चुके हैं।
बता दें इनमें से एक है रूस और नाटो, जो एक बार फिर से एक दूसरे पर अपना शिकंजा जमाने की कोशिश में लगा हुआ है। ऐसे में सर्बिया ने सीमा के पास अपने सैनिकों को तैनात भी कर दिया था।
वहीं इधर अभी यूक्रेन-रूस (Ukraine-Russia) युद्ध के बादल अभी छटे भी नहीं हैं लेकिन टकराव का एक मोर्चा सुलगने लगा गया है। और ऐसा लग रहा है कि महीनों से चल रहा यह टकराव नये साल के साथ ही युद्ध में तब्दील भी हो जाएगा और इस मोर्चे पर रूस और नाटो देश एक दूसरे के सामने भी आ जाएंगे।
आलम ऐसा है कि सर्बियाई के रक्षा मंत्री मिलोस वूसेविक ने बीते दिनों अपनी सेनाओं को कभी भी युद्ध के लिए तैयार होने का हाईअलर्ट भी जारी कर दिया है।
तनाव के बीच नाटो का बयान?
कोसोवो और सर्बिया में जारी तनाव के बीच यूरोपियन यूनियन और नाटो ने दोनों पक्षों से पूरा संयम बरतने और शांति के लिए प्रयास करने की अपील की है। साथ ही कासोव और सर्बिया सीमा पर नाटो के 3500 से अधिक सैनिक भी तैनात हैं।
जानिए क्या है ताजा विवाद ?
रविवार (25 दिसंबर) को दोनों देशों की सीमा पर कथित तौर पर फायरिंग हुई थी और कोसोव ने आरोप लगाया कि ये फायरिंग सर्बिया ने की तो सर्बिया का कहना है कि ये फायरिंग कोसोव में तैनात केएफओआर (कोसोवो में नाटो के नेतृत्व वाली अंतरराष्ट्रीय शांति सेना) की तरफ से की गई। बता दें इस घटना ने पिछले 10 महीने से जारी दोनों देशों के बीच तनाव को और भड़का दिया है।
तो साथ ही केएफओआर ने कहा कि वह मामले की जांच कर रहा है वहीं सर्बिया के प्रधानमंत्री एना ब्रनाबिक ने कहा कि यह दोनों देशों के बीच यह युद्ध कराने की एक साजिश है।
