International news:- पाकिस्तान इस समय भीषण आर्थिक संकट से जूझ रहा है। उसका विदेशी मुद्रा भंडार खत्म होने की कगार पर है। अभी हाल ही में ख़बर आई थी कि पाकिस्तान अपनी सरकारी कम्पनियों को कुछ शर्तों के साथ अपने मित्र राष्ट्रों के हांथ में सौंफ़ने की योजना बना रहा है। वही अब खबर है कि पाकिस्तान स्टेट बैंक और वित्त मंत्रालय ने 2023 तक पाकिस्तान को इस आर्थिक संकट से उभारने की रणनीति तैयार की है।
आर्थिक संकट से 2023 तक उभर सकता है पाकिस्तान
एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने अबकी आर्थिक स्थिति की पिछली सरकार के दौरान की आर्थिक दशा से तुलना की है और बताया है कि किन तमगों पर काम करके हम अपनी स्थिति वैश्विक स्तर पर बेहतर बना सकते हैं। पाकिस्तान के स्टेट बैंक ने कहा कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लगातार नीचे खिसक रही है। इसका एक कारण यह भी है कि विदेशी मुद्रा देश मे आने से अधिक बाहर जा रही है।
क्योंकि देश में आने वाले पैसे का अधिकतर हिस्सा आईएमएफ़, विश्व बैंक, एडीबी और मित्र देशों जैसे चीन, सऊदी अरब और यूएई से मिलने वाले कर्ज़ का था। आईएमएफ़ की समीक्षा में देरी हुई जिससे हमारे यहां की फंडिंग रुक गई। दौरान पहले लिए कर्ज़ों के भुगतान के कारण विनिमय दर कम होती रही। विदेशी मुद्रा भंडार का हमपर दबाव बढ़ गया है। डॉलर की कीमत बढ़ गई है। हमारी पाकिस्तानी रुपया डॉलर के मुकालबले नीचे खिसक गया है। जिससे हमारे देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई।
बैंक ने कहा जून के मुकाबले विदेशी मुद्रा भंडारण काफी कम रहा है। यह मुख्य तौर पर तेल व अन्य उत्पाद के आयात में आई कमी के कारण हुआ है। विदेशी मुद्रा भण्डार भुगतान 7.9 अरब डॉलर था जो जुलाई में घटकर 6.1 अरब डॉलर हो गया। पाकिस्तान दावा कर रहा है आगामी समय मे हमे इससे काफी राहत मिल सकती है और हमारी आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है।