पांच महीने बाद मिला, रायबरेली का मासूम, दिल्ली के दंगों में बिछड़ गया था परिवार से

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पांच महीने बाद मिला, रायबरेली का मासूम, दिल्ली के दंगों में बिछड़ गया था परिवार से

रायबरेली। दिल्ली में एनआरसी मुद्दे पर हुए दंगे में पांच महीने पूर्व बिछड़े बच्चे को दिल्ली पुलिस ने परिजनों को सौंपा। अमन 6 वर्ष पुत्र अल्ताफ अनाथालय में चार महीने रहा। पुलिस की सूचना पर अमन की मां शाहीन बानो व पिता अल्ताफ निजी वाहन से दिल्ली पहुंचे। जंहा वह अपने बेटी व दामाद के साथ पालनघर पहुंचे और वंहा से अमन को सुपुर्द किया गया। अल्ताफ गुरुवार की देर रात सलोन अपने गांव अतागंज रतासो पहुंचे। बच्चे के मिलने की खबर से पूरे गांव के लोग अल्ताफ के घर पहुंचने लगे।

अल्ताफ ने बताया कि बेटे के गायब होने के दो माह पूर्व उन्होंने अपनी बड़ी बेटी शबनम की शादी दिल्ली पूर्वी के बेहटा चौकी क्षेत्र में की थी। 24 फरवरी को अपनी पत्नी व अमन के साथ बेटी को लाने गये थे। तभी वंहा पर एनआरसी का दंगा चल रहा था। उसी बीच मे मेरा बेटा आइसक्रीम लेने की जिद करने लगा। तो उसकी मां ने 5 रुपये दे दिया और वह आइसक्रीम लेन के लिये चल दिया। काफी देर तक जब वह नहीं लौटा तब परिजन समेत मां बाप सब बच्चे को ढूढ़ने लगे। बहुत तलाश हुई जब नहीं मिला परिजन बच्चे के गुम होने की एक तहरीर थाने में देकर निराश होकर वह घर चले आये।

ऐसे अपनों तक पहुंचा अमन 24 फरवरी से लेकर 12 अगस्त तक अमन करीब 170 दिन अपनों से दूर रहा। बताते हैं कि बहन के घर का रास्ता भूलने के बाद वह दो दिन इधर-उधर भटकता रहा। उसे अकेला देख वहां के लोगों ने एक अनाथआलय पहुंचा था। वह काफी डरा सहमा था। कुछ दिन बीते तो सामान्य हुआ। जिसके बाद अपने घर के बारे में वहां के कर्मचारियों को जानकारी दी। कर्मचारियों ने दिल्ली पुलिस को बताया। पुलिस के पास पहले ही उसके घर वालों की तहरीर पड़ी थी। उसने सलोन कोतवाली से संपर्क किया और यहां की पुलिस ने घर वालों तक जानकारी पहुंचाईं।