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Home » Blog » हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर: 47 सड़कें बंद, बाढ़ का खतरा
राष्ट्रीय

हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर: 47 सड़कें बंद, बाढ़ का खतरा

admin
Last updated: April 17, 2026 11:42 am
admin
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हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने राज्य में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. सैंतालीस सड़कें बंद, 18 बिजली योजनाएँ और एक जल आपूर्ति योजना बारिश से प्रभावित हैं। राज्य सरकार आपातकालीन परिस्थिति से निपटने में जुटी हुई है।

Contents
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से भारी तबाहीबारिश से प्रभावित क्षेत्रबंद सड़कें और प्रभावित बिजली योजनाएंबाढ़ से बचाव के लिए प्रशासन अलर्टबाढ़ की चेतावनी जारीबारिश से हिमाचल प्रदेश को हुआ भारी नुकसानहिमाचल प्रदेश सरकार की मददहिमाचल प्रदेश की चुनौतियाँहिमाचल प्रदेश को जलवायु परिवर्तन से खतराहिमाचल प्रदेश में आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने की जरूरतहिमाचल प्रदेश की स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण बिंदु

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से भारी तबाही

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का कहर जारी है, जिसके कारण राज्य में व्यापक तबाही आई है। शनिवार को हुई भारी बारिश के बाद 47 सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गईं। राज्य के कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय मौसम विभाग ने शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में कम से मध्यम बाढ़ की चेतावनी जारी की है।

बारिश से प्रभावित क्षेत्र

मालरोआं में सबसे अधिक 64 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद पंडोह में 32.5 मिमी, बरथीन में 30.4 मिमी, अघार में 29.8 मिमी, मंडी में 28.7 मिमी, भटियात में 28.4 मिमी, जुब्बड़हट्टी में 26 मिमी, भुंतर में 25.7 मिमी, सुंदरनगर में 18.6 मिमी, पोंटा साहिब में 13.4 मिमी, धौलाकुआं में 13 मिमी बारिश हुई है। मनाली में 12 मिमी, कुफरी में 11.6 मिमी और सराहन में 11 मिमी बारिश हुई है।

बंद सड़कें और प्रभावित बिजली योजनाएं

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, मंडी में 13, कांगड़ा में 11, शिमला और कुल्लू में नौ-नौ, ऊना में दो और किन्नौर, सिरमौर और लाहौल और स्पीति जिलों में एक-एक सहित कुल 47 सड़कें बंद हैं। बारिश के कारण 18 बिजली योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। इसके अतिरिक्त, एक जल आपूर्ति योजना भी बारिश के कारण प्रभावित हुई है।

बाढ़ से बचाव के लिए प्रशासन अलर्ट

हिमाचल प्रदेश प्रशासन ने बाढ़ के खतरे को देखते हुए सभी जरूरी कदम उठाए हैं। बचाव दल और राहत सामग्री प्रभावित क्षेत्रों में भेज दी गई है। राज्य सरकार ने लोगों से सुरक्षित रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

बाढ़ की चेतावनी जारी

हिमाचल प्रदेश के स्थानीय मौसम विभाग ने शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में कम से मध्यम बाढ़ की चेतावनी जारी की है। विभाग ने लोगों से नदियों के किनारे न जाने और सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की है।

बारिश से हिमाचल प्रदेश को हुआ भारी नुकसान

राज्य में मानसून की शुरुआत 27 जून को हुई थी, तब से हिमाचल प्रदेश में अब तक 21 फीसदी कम बारिश हुई है। राज्य में औसत 652.1 मिमी बारिश के मुकाबले 517.8 मिमी वर्षा हुई है। बावजूद इसके, मानसून के दौरान बारिश से संबंधित घटनाओं में 157 लोगों की जान जा चुकी है और राज्य को 1,303 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

हिमाचल प्रदेश सरकार की मदद

हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेजी से करने के लिए निर्देश दिए हैं।

हिमाचल प्रदेश की चुनौतियाँ

हिमाचल प्रदेश भौगोलिक रूप से एक चुनौतीपूर्ण राज्य है। पहाड़ी क्षेत्रों में अक्सर भूस्खलन, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाएं आती रहती हैं। भारी बारिश के दौरान यह स्थिति और खराब हो जाती है।

हिमाचल प्रदेश को जलवायु परिवर्तन से खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के पैटर्न में बदलाव आ रहा है। भारी बारिश और अचानक बाढ़ की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती हैं।

हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने की जरूरत

हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने की जरूरत है। राज्य सरकार को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए आपदाओं के लिए तैयार रहने की योजना बनानी चाहिए। इसके लिए आपदा प्रबंधन कार्यक्रमों को बेहतर बनाना होगा और आपदा रोधी बुनियादी ढांचा विकसित करना होगा।

हिमाचल प्रदेश की स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण बिंदु

  • राज्य में भारी बारिश के कारण 47 सड़कें बंद, 18 बिजली योजनाएं और एक जल आपूर्ति योजना प्रभावित हुई है।
  • शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में कम से मध्यम बाढ़ का खतरा है।
  • मौसम विभाग ने लोगों से नदियों के किनारे जाने से बचने और सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की है।
  • हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान 157 लोगों की जान गई है और 1,303 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
  • हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने की जरूरत है।
  • राज्य सरकार को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए आपदाओं के लिए तैयार रहने की योजना बनानी चाहिए।
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