Rajasthan News जयपुर । राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन जबरदस्त ट्विस्ट आया। दरअसल बीजेपी ने राज्यसभा सांसद और एक मीडिया ग्रुप के चेयरमैन डॉ सुभाष चंद्रा को दूसरी सीट से सपोर्टेड उम्मीदवार के तौर पर उतारा है। डॉ. चंद्रा के चुनावी मैदान में उतरने और विधायकों के ‘गणित’ के चलते अब एक सीट के लिए मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।
इधर, नामांकन दाखिल करने से पहले विधानसभा में बैठकों का दौर चला, जिसमें समर्थित प्रत्याशी डॉ सुभाष चंद्रा और भाजपा प्रत्याशी घनश्याम तिवारी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया, राजेंद्र राठौड़, प्रदेश अध्यक्ष व विधायक डॉ. सतीश पूनिया, प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल समेत भाजपा के सभी विधायक मौजूद रहे। बैठक के दौरान दोनों उम्मीदवारों का स्वागत और अभिनंदन किया गया, और सभी नेताओं ने उन्हें बधाई दी। गौरतलब है कि डॉ सुभाष चंद्रा साल 2016 में हरियाणा से राज्यसभा चुनाव जीत चुके हैं।
यह पहले दिलचस्प था
राज्यसभा में सांसद डॉ सुभाष चंद्र की पहली जीत भी बेहद दिलचस्प रही। दरअसल, 2016 में राज्यसभा चुनाव के दौरान डॉ. चंद्रा के पास पर्याप्त विधायक नहीं थे, लेकिन कांग्रेस के 14 वोट रद्द होने से चंद्रा की जीत हुई थी। बताया जा रहा है कि गलत कलम और स्याही की वजह से उस समय हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर हुआ था और सुभाष चंद्रा को राज्यसभा तक ले जाने में 14 मतों के रद्द होने की बड़ी भूमिका रही थी। उस चुनाव में भी डॉ. सुभाष चंद्रा को बीजेपी का समर्थन मिला था। तब उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। अब उनके राजस्थान में भी चुनावी जंग में उतरने के बाद इन चुनावों में बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल की आशंका जताई जा रही है।
खरीद-फरोख्त की कोशिश कर रही बीजेपी : डॉ जोशी
कांग्रेस ने डॉ सुभाष चंद्रा को भाजपा समर्थित उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारने को खरीद-फरोख्त का प्रयास करार दिया है। विधानसभा पहुंचे कांग्रेस नेता डॉ. महेश जोशी ने मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि यह साफ हो गया है कि बीजेपी अब डॉ. सुभाष चंद्रा के नामांकन के साथ खरीद-फरोख्त की कोशिश करेगी।
