[Ruby_E_Template slug="time-header"]
Jansandeshonline Hindi Latest NewsJansandeshonline Hindi Latest News
Font ResizerAa
  • World
  • Travel
  • Opinion
  • Science
  • Technology
  • Fashion
Search
  • Home
    • Home 1
    • Home 2
    • Home 3
    • Home 4
    • Home 5
  • Categories
    • Technology
    • Opinion
    • Travel
    • Fashion
    • World
    • Science
    • Health
  • Bookmarks
  • More Foxiz
    • Sitemap
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Home » Blog » श्रीलांका ने खुद को गरीब देश किया घोषित
राष्ट्रीय

श्रीलांका ने खुद को गरीब देश किया घोषित

admin
Last updated: April 17, 2026 12:10 pm
admin
Share
SHARE

डेस्क। श्रीलंका सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सहायता पाने के लिए खुद को कम आय वाला देश घोषित कर दिया है श्रीलंका सरकार ने यह कदम अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों से मिली सलाह के बाद लिया है। आपको बता दें कि श्रीलंका को उम्मीद है कि इस फैसले के बाद विश्व बैंक और अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष खुलकर उनकी सहायता के लिए आगे बढ़ेंगे। 
आर्थिक दुर्दशा से उबरने के लिए श्रीलंका कैबिनेट प्रवक्ता ने मंगलवार को एक प्रस्ताव पास किया है, जिसमें उसने देश को कम आय वाला राष्ट्र घोषित कर दिया। वहीं श्रीलंका सरकार ने यह कदम अंतरराष्ट्रीय संगठनों से मिल रही वित्त सहायता में और अधिक आर्थिक रियायत पाने के लिए भी इस्तेमाल किया है।
श्रीलंका सरकार का यह भी कहना है कि बीते 1 साल में देश की अर्थव्यवस्था को काफी गहरी चोट पहुंची है और जून तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद सुकड़ कर सालाना 8.4 प्रतिशत की दर पर जा गिरा है, जो उस तिमाही की सबसे बड़ी गिरावट भी है। 
विश्व बैंक की माने तो साल 2021 में प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद 3,815 डॉलर वाले देशों को निम्न-मध्य अर्थव्यवस्था श्रेणी में रखे जाने का नियम है। वहीं श्रीलंका कैबिनेट द्वारा पास किये गये प्रस्ताव पर प्रवक्ता बंडुला गुणवर्धने ने कहा कि कैबिनेट ने विश्व बैंक की सूची में श्रीलंका को “कम आय” में डाउनग्रेड करने का फैसला लिया है। 
इसके अलावा गुणवर्धने ने कहा, “श्रीलंका जिस गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहा है, उसे देखते हुए अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने हमें बताया कि अगर श्रीलंका को कम आय वाले देश की श्रेणी में रखा जाएगा तो वैश्विक आर्थिक मदद मिलने की आसानी भी रहेगी।”
आपको यह भी मालूम हो कि भारत का पड़ोसी मुल्क श्रीलंका साल 1948 में स्वतंत्र हुआ था। उसके बाद से आज यह श्रीलंका की सबसे खराब स्थिति बताई जा रही है। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण श्रीलंका का पर्यटन उद्योग पूरी तरह से बर्बाद हो गया वहीं विदेशों मुद्रा की कमी, तेल की बढ़ती कीमतों, लोकलुभावन सरकारी वादों और पिछले साल कृषि को तबाह करने वाले रासायनिक उर्वरकों के आयात पर प्रतिबंध के नियम के कारण श्रीलंका की स्थिति बिगड़ती ही चली गई।  आज हालात यह है कि लोगों को दूध और राशन के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।अस्पतालों में मरीजों का सही से इलाज नहीं मिल रहा, जो मरीज इलाज के लिए भर्ती हैं, उन्हें दवाइयां भी नहीं मिल पा रही है।

Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article ये भारतीय जांच एजेंसी अब करेगी स्विज बैंक के खाताधारकों की निगरानी
Next Article क्यों पुतिन ने मार्क जुकरबर्ग की कम्पनी को कहा आतंकी संगठन

Recent Posts

  • खुशियों के बीच पसरा मातम: सोनपुर के होटल में बर्थडे पार्टी मना रहे युवक की संदिग्ध मौत, मां का रो-रोकर बुरा हाल
  • पुनर्नवीनीकरण चिकित्सा उपकरण: आत्मनिर्भर भारत के लिए खतरा या अवसर?
  • बेलागवी दहशत: बच्चों का अपहरण और पुलिस का एनकाउंटर
  • ईरान-इस्राइल तनाव: क्या है अगला कदम?
  • आंध्र प्रदेश में स्व-सहायता समूहों का उल्लेखनीय सशक्तिकरण

Recent Comments

No comments to show.
[Ruby_E_Template slug="time-related"]
[Ruby_E_Template slug="time-footer"]
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?