उमाकांत गौतम की रिपोर्ट
लखनऊ- 2021 का यह आखिरी सुपर मून है जिस 24 जून को रात्रि के वक्त आसमान में देखा जायेगा। यह जून माह की ग्रीष्म संक्राति की पहली पूर्णिमा है जब रात के वक्त आसमान में अनोखी खगोलीय घटना दिखाई देगी। रात्रि के बाद आसमान में चंद्रमा का रंग स्ट्रॉबेरी के रंग में दिखाई देगा। जब चंद्रमा हर दिन की अपेक्षा अधिक बड़ा और गुलाबी रंग का दिखाई पड़ेगा। 24 जून को पूर्णिमा की रात में निकलने वाला यह चंद्रमा हल्के बैगनी रंग के होने के कारण इसे स्ट्रॉबेरी मून कहते है। कुछ जगह पर लोग इस चंद्रमा को हॉट मून के नाम से भी जानते है।
क्या होगा खासियत?
– इस वह वक्त है जब चंद्रमा पृथ्वी की कक्षा से निकट होने के कारण चंद्रमा अपने सामान्य आकार से काफी बड़ा दिखाई देगा,उसे इस आकर और रंग के कारण इसे स्ट्राबेरी मून कहेंगे।
– यह जून में ग्रीष्म संक्राती के बाद होने वाला पहला पूर्णिमा का चांद है जो स्ट्राबेरी मून के नाम से जाना जाता है। 2021 का यह आखिरी सुपर मून बताया जा रहा है।
स्ट्राबेरी मून नाम कहा से आया?
दरअसल यह नाम प्राचीन अमेरिका जनजाति से मिला है। जिसकी खोज स्ट्रॉबेरी के लिए कटाई के मौसम की शुरुआत के साथ पूर्णिमा को चिन्हित किया था। बताया जाता है की स्ट्रॉबेरी मून एक स्थानीय अमेरिकी नाम है। जबकि अलग-अलग स्थानों पर यह सुपर मून अलग अलग नाम से जाना जाता है। यूरोप में इसे रोज मून कहा जाता है जो कि गुलाब की कटाई का प्रतीक है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में इसे अलग-अलग नाम से जाना जाता है। यूरोप में स्ट्राबेरी मून को रोज मून कहते हैं जो गुलाब की कटाई का प्रतीक है। उत्तरी गोलार्द्ध में ऐसे चांद को हॉट मून कहा जाता है।
कई खगोलीय घटनाएं हाल ही में देखी गई
कुछ वक्त पहले कई खगोलीय घटनाएं आकाश में देखने को मिले हैं जिसके चलते सभी ने सुपर मून, ब्लड मून, चंद्र ग्रहण और रिंग ऑफ फायर जैसी घटनाएं आकाश में दिखाई पड़ी है। 24 जून की रात का यह सबसे अलौकिक दृश्य होगा जो आसमान में दिखाई पड़ेगा।
