मेरठ, 14 दिनों में किसानों को गन्ने का पूरा भुगतान करने का दावा तो हवा हो गया, लेकिन इसके बाद चीनी मिलों पर गन्ना विभाग की अपेक्षित कार्रवाई भी सवालों के घेरे में है। पेराई सत्र 2019-20 के अंतर्गत मेरठ में तीन चीनी मिलों ने गन्ना किसानों का शत-प्रतिशत गन्ना भुगतान कर दिया है। लेकिन बाकी तीन चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का दस दिसंबर तक आंकड़ों के अनुसार, 250.44 करोड़ गन्ना मूल्य बकाया है।
नोटिस के आगे भी हो कार्रवाई
11 दिसंबर को गन्ना विभाग ने तीन चीनी मिलों को नोटिस भी जारी कर दिया। लेकिन सवाल उठता है कि क्या गन्ना विभाग ने पूरे सत्र में नोटिस से आगे बढ़कर कोई कार्रवाई की है। चीनी मिलों की मनमानी कहें या गन्ना विभाग का ढुलमुल रवैया। सत्र में कई बार चीनी मिलों को नोटिस देने की औपचारिकता पूरी की जाती है। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।
मेरठ की चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान
मवाना – 111.23 करोड़
किनौनी – 115.16 करोड़
मोहिद्दीनुपर – 24.05 करोड़
कुल बकाया – 250.44 करोड़
(नोट – गन्ना विभाग से उपलब्ध कराए गए आंकड़े 11 दिसंबर तक के अनुसार हैं।)
