तेज प्रताप ने चलाया सियासी चप्पू इमोशनल टच ने उड़ाए विपक्ष के होश

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Politics: बिहार में होने वाली आगामी विधानसभा चुनाव से पूर्व सभी राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कस ली है और यह जनता लो लुभाने के लिए आय दिन नई रणनीति के साथ मैदान में उतर रहे हैं। कोई विपक्ष पर शब्दिक गाण्डीव से प्रहार कर रहा है तो कोई अपनी पार्टी को मजबूत करने में जुटा है। अब इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव( Lalu Prasad Yadav) के बड़े बेटे भी जुड़ गए हैं और उन्होंने एक बड़ा सियासी दाव खेला है और पारिवारिक कलह खत्म कर यह पैचप करने की फिराक में हैं।

हालांकि पहले राजद नेता रामराम के द्वारा लगाए गए आरोपों पर तेज प्रताप ने स्पष्टीकरण दिया फिर बड़ा सियासी दांव खेलते हुए पर रबड़ी देवी के आवास पहुँचे ओर वही रुक गए। तेज प्रताप ने पहले घोषणा की थी कि वह पार्टी से इस्तीफा देंगे लेकिन अब इमोशनल टच के साथ खलेते हुए उन्होंने विपक्ष को किरकिरी कर दी है। 
बता दें रामराम ने तेज प्रताप पर आरोप मढ़ा था कि उन्होंने राजद नेता की पिटाई की और लालू व तेजस्वी के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग किया। रामराम के इस बयान पर तेज प्रताप ने कहा कि वह दवाब में ऐसा वाक्य बोल रहे हैं इसका सत्य से कोई विशेष ताल्लुक नहीं है। हालांकि तेज प्रताप जब से रबड़ी देवी यानी अपनी माता श्री के घर पर रुके है विपक्ष के गले की यह फ़ांस बन गए हैं और विपक्ष के हाथ पैर फूलने लगे हैं।
इतना ही नहीं जनता से अपनी जमीनी स्तर पर नजदीकी बढ़ाने के लिए तेज प्रताप यादव ने छात्र जनशक्ति पार्टी की ओर से यह घोषणा करवा दी है कि वह 1 मई को मजदूरों को सम्मानित करेंगे और पटना में जनता दरबार लगाएंगे जिसमे वह जनता की समस्याओं को सुनेंगे और उनको हल करने का प्रयास करेंगे। अब अगर हम सियासी गलियारों की ओर गौर करे तो तेज प्रताप के इस निर्णय के बाद विपक्ष तिलमिला उठा है और एक्टिव एक्शन में दिखाई दे रहा है। विपक्ष की यह हलचल स्पष्ट कर रही है की तेज प्रताप के बढ़ते कदम उनके लिए नाग फ़ास बन रहे हैं जिसका एक एक प्रहार उन्हें मूर्छित कर सकता है।

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