देश– भारत और नेपाल के मध्य महाकाली नदी के मूल प्रवाह को लेकर सहमति बन गई है। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि भारत के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में नेपाल-भारत सीमा पर बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया है कि महाकाली नदी पर अस्थायी तटबंध को हटाने और नदी को प्राकृतिक मार्ग से बहने देना चाहिए।
धारचूला दीर्घ के मुख्य जिला अधिकारी राज उपाध्याय ने बताया कि नेपाल और भारत के मध्य हुई बैठक में नेपाल द्वारा अनुरोध को भारत ने मान लिया है और 10 दिन के भीतर प्रतिबंधित जगह से मलवा हटाने पर अपनी सहमति जताई है।
जानकारी के लिये बता दें काली नदी उत्तराखंड में पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में भारत और नेपाल के बीच बहती है। भारत द्वारा इस नदी पर बनाई जा रही सुरक्षा दीवार ने नेपाल में आशंका पैदा कर दी थी कि इससे नदी का जल प्रवाह नेपाल की ओर मुड़ सकता है, जिससे बाढ़ आ सकती है।
