विदेश;- इस समय देश से लेकर विदेश तक पैगम्बर मोहम्मद चर्चा का विषय बने हुए हैं। भारत मे भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा द्वारा पैगम्बर मोहम्मद पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद हंगामा मचा हुआ है। वही अगर हम बात यूनाइटेड किंगडम की करे तो यहाँ एक अलग ही मामला सामने आया है और एक फ़िल्म का विरोध करने पर इमाम सलाहकार को उसके पद से हटा दिया गया है।
असल मे यह फ़िल्म पैगम्बर मोहम्मद की बेटी पर बनी हुई है। ब्रिटेन में हजारों मुस्लिम इस फ़िल्म का विरोध कर रहे हैं उनका कहना है कि इस फ़िल्म में ईश निंदा की गई है। वही इमाम कारी मुहम्मद असीम ने इस फ़िल्म को सिनेमा हॉल में लगाने से रोकने की मुहिम चलाई थी जिसके बाद उनके उनके पद से हटा दिया गया है। बता दें लीड्स स्थित मक्का मस्जिद के मुखिया इमाम कारी मुहम्मद असीम को इस्लामोफोबिया पर सरकार ने सलाहकार बनाया हुआ था लेकिन फ़िल्म के विरोध के चलते इन्हें अपने पद से हाँथ धोना पड़ा है। बता दें यह एंटी मुस्लिम हेट्रेड वर्किंग ग्रुप के अध्यक्ष भी थे। लेकिन अब यह इन दोनों पदों से आजाद है।
बता दें ब्रिटेन में मुस्लिम लगातार इस फ़िल्म का विरोध कर रहे हैं और इमाम ने इस फ़िल्म को मुस्लिम विरोधी और इस्लाम को नीचे दिखाने वाला बताया है जिसके बाद उनके खिलाफ एक्शन लिया गया है। उन्होंने कहा है कि इस फ़िल्म में मुस्लिम का विरोध किया गया है और उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत किया गया है। वही उनके इस बयान पर यूके सरकार ने कहा है कि उनके इस बयान के बाद अब उनकी सेवाओं को त्वरित रूप से खत्म करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है वही जिस तरह से उन्होंने किया उससे साम्प्रदायिक तनाव पैदा हुआ है और इमाम ने मुस्लिम के प्रदर्शन को समर्थन देकर गलत किया है।
यूके सरकार ने कहा कई सिनेमाघरों के बाहर मजहबी नारे गुज रहे हैं जो वास्तव में तनाव का कारण बन रहे हैं। इसका अब हमें इसका विरोध करना होगा क्योंकि मुस्लिम नफ़रत से लिपट गया है और इसे खत्म करने के लिए उनका विरोध आवश्यक है। वही इमाम इस तरह के कुकृत्यों की निंदा नहीं कर पाए इस कारण उन्हें उनके पदों से मुक्त किया गया है।