राष्ट्रीय

महिला पखवाड़ा के अन्तर्गत ब्लाक मुख्यालय संग्रामपुर, जनपद अमेठी में विधिक साक्षरता शिविर का हुआ आयोजन

रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन सुलतानपुर 05 मार्च/ माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं माननीय राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार माननीय जनपद न्यायाधीश श्री संतोष राय की संरक्षता मे सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुल्तानपुर श्री सतीश कुमार मगन की अध्यक्षता मे महिला पखवाड़ा के अंतर्गत विकासखंड मुख्यालय संग्रामपुर जनपद अमेठी

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रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

सुलतानपुर 05 मार्च/ माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं माननीय राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार माननीय जनपद न्यायाधीश श्री संतोष राय की संरक्षता मे सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुल्तानपुर श्री सतीश कुमार मगन की अध्यक्षता मे महिला पखवाड़ा के अंतर्गत विकासखंड मुख्यालय संग्रामपुर जनपद अमेठी में शुक्रवार के अपरान्ह 1ः30 बजे से विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित जन समुदाय को विधिक जानकारी देकर जागरूक किया गया। विधिक साक्षरता शिविर विकास खण्ड मुख्यालय संग्रामपुर, जनपद अमेठी में तहसीलदार अमेठी पवन कुमार शर्मा, खंड विकास अधिकारी संग्रामपुर शशि कुमार तिवारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी संग्रामपुर व अन्य जन सामान्यगण एवं विकासखंड संग्रामपुर से संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं अन्य उपस्थित जन की उपस्थिति में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें विधिक साक्षरता शिविर में सर्वप्रथम पैरालीगल वाइलेनटियर अनुज कुमार विश्वकर्मा, प्रभारी थानाध्यक्ष संग्रामपुर रविशंकर तिवारी, खंड विकास अधिकारी शशि कुमार तिवारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी जयसिंहपुर ने अपने-अपने विचार रखते हुए विधिक जानकारियां उपस्थित जनसमुदाय को प्रदान किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे माननीय सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुल्तानपुर श्री सतीश कुमार मगन द्वारा सर्वप्रथम उपस्थित समस्त मंचासीन एवं जन समुदाय का आभार व्यक्त किए जाने के उपरांत विधिक साक्षरता शिविर की जानकारी देते हुए बताया कि पास्को एक्ट के बारे में तथा महिलाओं के अधिकार व सुरक्षा, घरेलू हिंसा , दहेज उत्पीड़न के बारे में विधिवत जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि समाज को नैतिक चेतना अपनाना होगा और अपराधों को रोकना होगा तथा प्रत्येक व्यक्ति विधि के समक्ष बराबर है, इससे कोई ऊंचा नहीं है विधि ही सर्वोच्च है।उन्होंने पास्को एक्ट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि लैंगिक अपराधों को रोके जाने, जिन बच्चों के साथ लैंगिक अपराध किए गए हैं, उनकी पहचान किसी से भी बताई जानी नहीं चाहिए और इसे अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय बनाया गया है साथ ही साथ उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं के अपराध को रोकने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने अपील की कि आप सभी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुलतानपुर हरी राम सरोज लिपिक द्वारा किया गया।

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