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गर्मी की दस्तक से पहले सिलिकॉन वैली में पानी के लिए मचा हाहाकार ?

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गर्मी की दस्तक से पहले सिलिकॉन वैली में पानी के लिए मचा हाहाकार ?
गर्मी की दस्तक से पहले सिलिकॉन वैली में पानी के लिए मचा हाहाकार ?

बेंगलुरु। बेंगलुरु में जल संकट की समस्या बढ़ रही है। वहां पानी की किल्लत के कारण लोगों को पीने का पानी दोगुने दाम पर खरीदना पड़ रहा है। इसके अलावा, कुछ जलाशय सूख चुके हैं और कावेरी नदी के बेसिन में पानी का स्तर भी कम हो गया है । यह समस्या गर्मियों में और भी गंभीर हो सकती है । इसके निवारण के लिए उचित उपाय की आवश्यकता है।

बेंगलुरु में जल संकट के पीछे कई कारण हैं:
अतिक्रमण और अनियमित निर्माण: झीलों, तालाबों और नालों पर अतिक्रमण, जल निकासी की खराब योजना और बाढ़ के मैदानों के नियमन की कमी के कारण बेंगलुरु में शहरी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है ।.

भूजल स्तर की कमी: भारत में भूजल स्तर में लगातार गिरावट आ रही है। चेन्नई और बेंगलुरु भारत के ‘‘केपटाउन’’ बनने की कगार पर पहुंच रहे है।

जल संग्रहण की कमी: भारत में हर साल 1068 मिमी बारिश होती है, जिससे करीब 4 हजार क्यूबिक मीटर पानी मिलता है, लेकिन वर्षा जल संग्रहण की कोई व्यवस्था न होने के कारण ये बेशकीमती पानी नदियों और नालों के माध्यम से समुद्र में जाकर व्यर्थ हो जाता है।

जल की गुणवत्ता: जल गुणवत्ता सूचकांक में भी भारत 122 देशों की सूची में 120वे पायदान पर है। इससे भारत में शेष बचे जल की गुणवत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इन सभी कारणों के कारण बेंगलुरु में जल संकट की समस्या बढ़ रही है।

बेंगलुरु में जल संकट को दूर करने के लिए कई समाधान हैं:
जल संग्रहण: वर्षा जल संग्रहण की व्यवस्था को बेहतर बनाने की आवश्यकता है ।
जल संसाधन प्रबंधन: आवश्घ्यकतानुसार क्षीण जल संसाधनों की रक्षा और पुनरूद्धार, मुख्यधारा में एकीकृत शहरी जल संसाधन प्रबंधन, पानी के लिए समान और सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने और बाढ़ के खतरों से जोखिम को कम करने के लिए संस्थागत और विनियामक सुधारों पर विचार किया जाना चाहिए।
जलवायु कार्य योजना: जलवायु कार्य योजना में जल सुरक्षा और लचीलेपन का समाधान होना चाहिए।
सार्वजनिक और निजी भागीदारी: शहर की सरकारों को सार्वजनिक और निजी भागीदारी, नगरपालिका ग्रीन बॉन्ड और अन्य नवीन वित्तपोषण तंत्रों का लाभ उठाते हुए, जहां उपलब्ध हो, बजट संबंधी निर्णय लेते समय जलवायु प्रभावों पर विचार करना चाहिए।
इन सभी उपायों को लागू करके बेंगलुरु में जल संकट को कम किया जा सकता है।

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