खस्ता अर्थव्यवस्था पर भाषण की जगह शासन की जरूरत, मगर यह PM के वश का नहीं:- राहुल

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Politics:- कांग्रेस नेता राहुल गांधी आय दिन मोदी पर कटाक्ष करते रहते हैं। वह केंद्र सरकार की हर नीति, मंहगाई देश मे बढ़ती बेरोजगारी को लेकर मोदी सरकार को सावालो के घेरे में उतारते हैं। अभी हाल ही में जहाँ जुबैर की गिरफ्तारी को लेकर राहुल ने मोदी सरकार पर कटाक्ष किया वही अब उन्होंने मोदी और देश की बिगड़ी अर्थव्यवस्था को इंगित करते हुए ट्वीट किया है।

राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि “सरकार और रुपए के बीच में कॉम्पिटिशन चल रहा है, किसकी आबरू तेज़ी से गिरती चली जा रही है, कौन आगे जायेगा।” – ये बात किसने कही थी? देश की अर्थव्यवस्था की बिगड़ती हालत को गिरफ़्तार करने के लिए भाषण के बदले शासन पर ध्यान देना होगा। मगर ये प्रधानमंत्री के बस की बात नहीं है। 

 

 

राहुल के ट्वीट पर यूजर्स जमकर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं एक यूजर का कहना है कि हर सरकारी सम्पत्ति को बेच देने का काम करने वाली Beche Jao Party BJP अब बैंकों को बेचेगी। असल में बेचने का मंसूबा है- सरकारी संस्थाओं की ज़मीन को हड़प कर चंद पूँजीपतियों के हाथ में कौड़ियों के दाम पर दे देना। वही एक अन्य यूजर कहता है कि रुपया गिरते-गिरते उस स्तर तक पहुंच गया है, जिस स्तर तक पहुंचने की ना किसी ने कल्पना की थी, ना ही किसी ने सपने में ही सोचा होगा। आज रुपया भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे निचले पायदान पर पहुंच गया है।
 

 

 

वही एक अन्य युजर कहता है कि राहुल गांधी कभी अच्छा काम भी कर लिया करो देश की जनता को भड़काना देश में आग लगाना धरने प्रदर्शन करना इसके अलावा कोई अच्छा काम नहीं है क्या विपक्ष में रहकर अच्छा कार्य करना सीखो बीजेपी 45 वर्षों तक विपक्ष में रही लेकिन तुम्हारी तरफ पागल नहीं हुई कुछ सीखो मंदबुद्धि बालक। वही अन्य यूजर बोला मनमोहन सिंह, चिदंबरम, रघुराम,अभिजीत, अमर्त्य सेन,सारे अर्थशास्त्री कांग्रेस में ही थे तो भारत गरीब क्यों रहा❓जनता गरीब रही और ये सब कांग्रेसी दलाल अरबपती खरबपति कैसे बन गये। ये आज मोदी सरकार को अर्थव्यवस्था सिखाएगे जिन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को दशको तक बर्बाद किया।