Bihar Politics: चाय पीने, प्रेस कांफ्रेंस करने से विपक्ष मजबूत हो जाता तो

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Bihar Politics: लोकसभा चुनाव 2024 में होना है, जिस वजह से कई पार्टियां विपक्षी एकता को एक करने के लिए लगी हुई हैं. इस बीच चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) विपक्षी एकता को लेकर किए जा रहे प्रयास पर  कहा कि चाय पीने, प्रेस कांफ्रेंस करने से अगर विपक्ष मजबूत हो जाता तो 20 साल पहले ही विपक्ष मजबूत हो गया होता.

बिहार के सीएम नीतीश कुमार विपक्ष को एक करने के लिए लगे हैं. इसी वजह से वह कई राज्यों के सीएम से मिल चुके हैं. इस पर प्रशांत किशोर ने सियासी हमला करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को बिहार की चिंता करनी चाहिए.

ममता, अखिलेश से मिले थे नीतीश
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि जिस पार्टी का अपना ठिकाना नहीं है वो पूरे देश की अलग-अलग पार्टियों को एकत्रित करने में लगा है. आज जो राजद के जीरो एमपी हैं और वे देश का प्रधानमंत्री तय कर रहे हैं. 

प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार पिछले दिनों ममता बनर्जी से मिले. जिसको लेकर उन्होंने सवाल किया कि क्या ममता बनर्जी लालू और नीतीश कुमार को पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ने के लिए सीट देने को तैयार हो गई हैं? क्या लालू और नीतीश बिहार में टीएमसी को एक भी सीट देने के लिए तैयार हो गए हैं?

किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार को कौन पूछता है. वह हाल ही में उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव से मिलने गए. अखिलेश की समाजवादी पार्टी को लोकसभा चुनाव 2014 में 5 सीटें और 2019 में भी 5 सीटें मिलीं, लेकिन वे बात ऐसी कर रहे है जैसे पांच सौ एमपी इन्हीं के पास हैं.

‘बीजेपी की हैं टीम बी’
उन्होंने कहा कि आज ये बीजेपी की बी टीम हैं, क्योंकि ये अपनी दुकान चला रहे हैं. ये सिर्फ अपनी-अपनी डफली बजाने वाले लोग हैं. ये लोग घर से निकलकर 5 किलोमीटर चल नहीं सकते, कोई दौरा नहीं कर सकते, कोई काम नहीं कर सकते, ये राजनीति क्या करेंगे.

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