पसमांदा मुसलमान पर डाली बीजेपी ने अपनी पैनी नजर, जाने वजह

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गुजरात: गुजरात मे इस साल के अंत मे विधानसभा चुनाव होने को हैं। भाजपा बीते 30 साल से गुजरात मे अपना दबदबा बनाये हुए हैं। वही कांग्रेस बीते 27 साल से इस प्रयास में जुटी हुई है कि वह ऐसा क्या करे कि गुजरात की राजनीति में भाजपा को वह उखाड़ फेंके ओर अपना राज स्थापित करे। साल 2017 में कांग्रेस ने राहुल गांधी के नेतृत्व में गुजरात मे बेहतर प्रदर्शन किया। गुजरात का मुसलमान समाज कांग्रेस के समर्थन में खड़ा है। 

वही अगर हम भारतीय जनता पार्टी की बात करे तो वह हर समाज को अपनी ओर करने की कवायद में लगी हुई है। जहाँ आदिवासी समाज को अपनी ओर करने के लिए भाजपा ने द्रौपदी मुर्मू को देश का राष्ट्रपति बनाया वही अब गुजरात के मुस्लिम समाज को अपनी ओर करने के लिए भाजपा ने पीएम मोदी के निर्देश पर स्नेह यात्रा निकालने का निर्णय लिया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा इस स्नेह यात्रा के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय, पिछड़े लोगो को अपने दल में जोड़ने की कोशिश करेगी। कहा जा रहा है भाजपा इस स्नेह रैली के माध्यम से सबसे ज्यादा फोकस पसमांदा मुसलमानों पर करेगी। क्योंकि यह सबसे पिछड़े मुसलमान माने जाते हैं। बताया जा रहा है कि हैदराबाद में पीएम मोदी ने कार्यकारिणी की बैठक में पसमांदा मुसलमानों का ज़िक्र किया था। वही रामपुर व आजमगढ़ की जीत को याद करते हुए कहा था यहां भाजपा की जीत का रास्ता पसमांदा मुस्लिम समुदाय ने तय किया है। 

जाने बीजेपी को क्यों याद आए पसमांदा मुसलमान:

भाजपा ने उत्तरप्रदेश में दूसरी बार सत्ता हासिल की। भाजपा को पसमांदा मुसलमान से काफी समर्थन प्राप्त हुआ जिसके बाद भाजपा ने मुस्लिम समाज मे अपनी मजबूत पकड़ बनाई। राजनीतिक विशेषज्ञयों का कहना है कि भाजपा की स्नेह यात्रा का सीधा कनेक्शन साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से है। भाजपा किसी भी हाल ने सत्ता को गवाना नही चाहती है। हिंदुत्व का दांव खेल कर भाजपा ने हिन्दू समाज पर अपनी अच्छी पकड़ बना रखी है। लेकिन मुस्लिम समाज भाजपा के लिए बड़ी समस्या बन गया है। भाजपा मुस्लिम समाज को अपने से जोड़कर अपनी 2024 की राह को आसान करना चाह रही है।

जाने कौन है पसमांदा मुस्लिम:

पसमांदा का अर्थ है नीचे या धकेला हुआ। ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज संगठन कहता है कि हर धर्म मे पसमांदा है कोई धर्म पसमांदा से नही बचा है ओर मुस्लिम समाज मे भी पसमांदा है। भारत मे कुल 15 फीसदीं मुस्लिम आबादी है। इस मुस्लिम आबादी का 80 फीसदीं पसमांदा मुसलमान हैं। नेशनल फ़ैमिली हेल्थ सर्वे के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक़ लगभग 45 फ़ीसदी मुसलमानों को ओबीसी का लाभ मिलता है।

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