डेस्क। पश्चिम बंगाल में ममता सरकार के मंत्री अखिल गिरी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लुक पर टिप्पणी करते हुए कैमरे में कैद हुए हैं वहीं यह मौका नंदीग्राम में एक भीड़ को संबोधित करने के दौरान का बताया गया है।
इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो की भाजपा कड़ी निंदा कर रही है। वहीं टीएमसी का दावा है कि वास्तव में मंत्री कह रहे थे कि टीएमसी लोगों को उनके लुक के लिए कभी नहीं आंकती। और इस पर मंत्री जी ने राष्ट्रपति का उदाहरण दिया। जिसके बाद भाजपा ने दावा किया है कि जब उन्होंने यह टिप्पणी की तो ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल की महिला कल्याण विभाग की मंत्री शशि पंका भी वहीं उपस्थित थीं।
बता दें शहीद दिवस समारोह के मौके पर नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र में अखिल गिरि विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी से भिड़ गए थे। वहीं अधिकारी को चुनौती देते हुए, अखिल गिरि ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का नाम लिए बिना उन्हें इसमें घसीटा। उन्होंने कहा कि तृणमूल लोगों को उनके लुक से नहीं आंकती है। “वह (सुवेंदु अधिकारी) यह कहते हैं कि मैं (अखिल गिरि) सुंदर नहीं हूं और वह कितने सुंदर हैं! हम लोगों को उनके रूप से कभी नहीं आंकते। हम आपके राष्ट्रपति की कुर्सी का बहुत ही सम्मान करते हैं। कि आपके राष्ट्रपति कैसे दिखते हैं?”
वहीं अब इस वीडियो पर पश्चिम बंगाल में नया बवाल भी शुरू हो चुका है। इस वीडियो को शेयर करते हुए पश्चिम बंगाल बीजेपी ने ममता बनर्जी और तृणमूल पर आदिवासी विरोधी होने का आरोप भी लगाया है। इसमें यह भी लिखा गया है, ” बता दें अध्यक्ष द्रौपदी मुर्मू आदिवासी समुदाय से आती हैं। तृणमूल कांग्रेस के सुधार गृह मंत्री अखिल गिरि ने महिला कल्याण विभाग की एक अन्य मंत्री शशि पांजा की उपस्थिति में उनके बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करी है।”
वहीं भाजपा के अमित मालवीय ने कहा है कि ममता बनर्जी हमेशा आदिवासी विरोधी रही हैं और उन्होंने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में द्रौपदी मुर्मू का समर्थन भी नहीं किया।
आपको याद होगा कि इससे पहले कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने द्रौपदी मुर्मू को ‘राष्ट्रपत्नी’ कहकर बड़ा विवाद खड़ा किया था। वहीं अब कांग्रेस के उदित राज ने भी राष्ट्रपति पर ‘चापलूसी’ का आरोप लगाया पर दोनों नेताओं ने अपनी टिप्पणी के लिए बाद में माफी मांगी थी।
