इतिहास– आज उत्तरप्रदेश की राजनीति के महान योद्धा कहे जाने वाले महान राजनीतिज्ञ कल्याण सिंह की जयंती है। सभी राजनेता आज कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कल्याण सिंह को उत्तरप्रदेश की राजनीति का प्रमुख चेहरा क्यों माना जाता है।
यदि हम कल्याण सिंह के राजनीतिक करियर की बात करें तो यह एक ऐसे राजनेता थे जो कि अपने राजनेताओं और कार्यकर्ताओं को बखूबी जानते थे। 12 वीं की पढ़ाई के बाद उन्होंने संघ का साथ पकड़ा।1962 के उन्होंने पहली बार जनसंघ पार्टी से विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन हार गए।
1967 के चुनाव में वो फिर मैदान में उतरे और जीत हासिल की। कल्याण सिंह 10 बार विधायक बने। वह एटा से 2 दफ़ा सांसद भी रहे हैं। कहते हैं कि कल्याण सिंह की छवि राम भक्त के रूप में विख्यात थी। उन्होंने जब राम मंदिर का मुद्दा उठाया और उन्हें गिरफ्तार किया गया तो वह जनता के प्रिय राजनेता बन गए।
वहीं 1991 में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी तो उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया। जब वह मुख्यमंत्री बने तो लोगों का उन्हें खूब समर्थन मिला। वहीं 2 बार इन्होंने भाजपा का दामन भी छोड़ा और इनकी सपा से नजदीकी भी बढ़ीं।
