देश– कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर बीते दिनों से कई नाम सामने आए। अभी तक जहां लोग यह उम्मीद जता रहे थे की राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस के नए अध्यक्ष होंगे।
वही अशोक गहलोत ने चुनाव लड़ने से पूर्व ही अपने पैर पीछे खींच लिये और अध्यक्ष पद के चुनाव हेतु पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद शशि थरूर ने अपना नामांकन दर्ज किया।
खड़गे को अध्यक्ष पद के लिए काफी समर्थन प्राप्त हो रहा है। वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को जब यह पता चला की मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दर्ज कर रहे हैं तो उन्होंने खुद चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया और खड़गे के समर्थन में उतर आए।
जब से मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम सामने आया है कांग्रेस के ज्यादातर नेता उनके समर्थन में दिख रहे हैं। उम्मीद यह भी जताई जा रही है कि मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के नए अध्यक्ष होंगे।
कई जानकारो ने इस बात की पहले ही घोषणा कर दी है कि शशि थरूर का अध्यक्ष बनना मुश्किल है क्योंकि मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें कांग्रेस नेताओं का समर्थन प्राप्त है।
वही मल्लिकार्जुन खड़गे का अध्यक्ष पद तब और सुरक्षित हो गया जब इनके समर्थन में पार्टी के तीन प्रवक्ताओं ने खड़गे के लिए प्रचार करने के इरादे से अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया। यह शशि थरूर के लिए काफी उदासीन था क्योंकि उनके पहले प्रचार के दौरे पर यह घटना घटित हुई।
बता दें जिन प्रवक्ताओं ने इस्तीफ़ा दिया है उनके नाम हैं- दीपेंदर सिंह हुड्डा, नसीर हुसैन और गौरव वल्लभ है। कल मल्लिकार्जुन खड़गे पहली बार अपनी दावेदारी के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उस दौरान यह लोग उनके साथ मौजूद थे। खड़गे ने इन तीनो का आभार व्यक्त किया है।
वही जब मीडिया कर्मियों ने कांग्रेस प्रवक्ताओं से उनके इस्तीफे को लेकर सवाल किये तो वह बोले कांग्रेस के कुछ आंतरिक नियम है। सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव निष्पक्ष करवाना चाहती है। हम अगर पद पर रहते तो हम खड़गे का प्रचार प्रसार नही कर पाते। इसलिए हमने ऐसा किया है।
