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Home » Blog » ओलिंपिक पदक का पिछले 100 साल का इंतजार खत्म करने के लिए सभी की निगाहें नीरज चोपड़ा पर टिकी
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ओलिंपिक पदक का पिछले 100 साल का इंतजार खत्म करने के लिए सभी की निगाहें नीरज चोपड़ा पर टिकी

admin
Last updated: April 18, 2026 9:03 am
admin
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टोक्यो, भारत का एथलेटिक्स में ओलिंपिक पदक का पिछले 100 साल का इंतजार खत्म करने के लिए सभी की निगाहें नीरज चोपड़ा पर टिकी हैं जो टोक्यो ओलिंपिक में शनिवार को पुरुषों के भाला फेंक के फाइनल में उतरेंगे। नीरज को ओलिंपिक से पहले ही पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है और इस 23 वर्षीय एथलीट ने अपेक्षानुरूप प्रदर्शन करते हुए क्वालीफिकेशन में अपने पहले प्रयास में 86.59 मीटर भाला फेंककर शान के साथ फाइनल में जगह बनाई थी।

अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (आइओसी) अब भी नार्मन प्रिचार्ड के पेरिस ओलिंपिक 1900 में 200 मीटर और 200 मीटर बाधा दौड़ में जीते गए पदकों को भारत के नाम पर दर्ज करता है, लेकिन विभिन्न शोध तथा अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ (अब विश्व एथलेटिक्स) के अनुसार उन्होंने तब ग्रेट ब्रिटेन का प्रतिनिधित्व किया था।

88.07 मीटर के प्रदर्शन के साथ ओलिंपिक में पहुंचे हैं चोपड़ा

हरियाणा के नीरज पदक जीतकर इतिहास रच सकते हैं। मिल्खा सिंह और पीटी ऊषा क्रमश : 1964 ओलिंपिक और 1984 ओलिंपिक में मामूली अंतर से चूक गए थे। चोपड़ा ने इस साल 88.07 मीटर के प्रदर्शन के साथ ओलिंपिक में पहुंचे हैं। क्वालीफाइंग में उन्होंने स्वर्ण पदक के दावेदार और 2017 के विश्व चैंपियन जर्मनी के योहानेस वेटर को भी पीछे छोड़ा था। अप्रैल और जून में 90 मीटर थ्रो करने वाले वेटर ने चोपड़ा के बाद दूसरे स्थान पर रहकर क्वालीफाई किया था।

सर्वश्रेष्ठ पांच प्रदर्शन करने वाले खिलाडि़यों में केवल चोपड़ा और वेटर ही फाइनल में पहुंचे

पदक के कुछ दावेदार क्वालीफाइंग में ही बाहर हो गए। इनमें पोलैंड के मार्सिन क्रूकोवस्की और 2012 के ओलिंपिक चैंपियन और रियो 2016 के कांस्य पदक विजेता त्रिनिदाद एवं टोबैगो के केशोर्न वालकाट भी शामिल हैं। इस सत्र में सर्वश्रेष्ठ पांच प्रदर्शन करने वाले खिलाडि़यों में केवल चोपड़ा और वेटर ही फाइनल में पहुंचे हैं।

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