चेन्नई रेल दुर्घटना: जाँच में जुटा रेलवे

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रेलवे दुर्घटना: कवराइपेट्टई में हुई भीषण ट्रेन दुर्घटना की जाँच

11 अक्टूबर 2024 की रात चेन्नई के उपनगर कवराइपेट्टई में एक तेज रफ्तार एक्सप्रेस ट्रेन और एक खड़ी मालगाड़ी के बीच हुई भीषण टक्कर से एक बड़ा रेल हादसा हुआ जिसमे कई यात्री घायल हो गए। इस दुर्घटना में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, हालाँकि मैसूर- दरभंगा बागमती एक्सप्रेस की ग्यारह बोगियाँ पटरी से उतर गईं, जिससे एक पार्सल वैन में आग लग गई और कई डिब्बे क्षतिग्रस्त हो गए। इस हादसे में कम से कम नौ लोग घायल हुए हैं। इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के एक अधिकारी ने शनिवार को दुर्घटना स्थल का दौरा किया और रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने भी निरीक्षण किया। पुलिस ने बताया कि सबोटाज़ के एंगल की भी जांच की जा रही है।

घटना का विवरण और तत्कालीन प्रतिक्रिया

घटना का क्रम

ट्रेन संख्या 12578, पोंनरी रेलवे स्टेशन को पार करने के बाद, अगले स्टेशन कवराइपेट्टई में मुख्य लाइन से गुजरने के लिए हरी बत्ती मिली। हालाँकि, स्टेशन में प्रवेश करते समय ट्रेन के चालक दल को “तेज झटका” लगा, और तेज रफ्तार एक्सप्रेस मुख्य लाइन के बजाय लूप लाइन में प्रवेश कर गई, और लगभग रात 8:30 बजे वहां खड़ी मालगाड़ी की पिछली बोगियों से टकरा गई।

रेलवे अधिकारियों की प्रतिक्रिया

दक्षिण रेलवे के महाप्रबंधक आरएन सिंह ने शनिवार को घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि एक उच्च-स्तरीय समिति इस दुर्घटना के कारणों की जांच करेगी। उन्होंने कहा कि यह “असामान्य” था कि एक्सप्रेस मुख्य लाइन के लिए सिग्नल सेट होने के बावजूद लूप लाइन में प्रवेश कर गई, लेकिन यह नहीं बताया कि क्या सिग्नल विफलता दुर्घटना का कारण थी। उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री को भी इस हादसे की जानकारी दी और घायलों को इलाज और प्रभावित यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाने के लिए निर्देश दिए।

राहत और बचाव कार्य

घटना के बाद आसपास के गांवों के निवासी यात्रियों को क्षतिग्रस्त डिब्बों से बाहर निकालने में मदद करने के लिए दौड़े। तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने घायलों का दौरा किया, जिन्हें सरकारी स्टेनली अस्पताल में भर्ती कराया गया था। राज्य सरकार ने फंसे हुए यात्रियों को भोजन, पानी और अस्थायी आवास की व्यवस्था करने के लिए कवराइपेट्टई और आसपास के विवाह भवनों में व्यवस्था की, जिसके बाद उन्हें पोंनरी और फिर चेन्नई सेंट्रल स्टेशन तक इलेक्ट्रिक ट्रेनों से ले जाने के लिए बसों को लगाया गया। उन्हें भोजन और पानी देने के बाद उन्हें अराकोनम, रेनिगुंटा और गुडूर के माध्यम से एक वैकल्पिक मार्ग से दरभंगा की ओर ले जाने वाली एक विशेष ट्रेन में बिठाया गया। यह विशेष ट्रेन शनिवार सुबह 4:45 बजे रवाना हुई।

जांच और आगे की कार्रवाई

रेलवे सुरक्षा आयुक्त का निरीक्षण

शनिवार शाम को, दक्षिणी क्षेत्र, बेंगलुरु के रेलवे सुरक्षा आयुक्त एएम चौधरी ने ट्रैक, पॉइंट्स और ब्लॉक, सिग्नल, स्टेशन इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम, कंट्रोल पैनल और अन्य महत्वपूर्ण सुरक्षा, सिग्नल और परिचालन पहलुओं का गहन निरीक्षण शुरू किया। कोरुकूपेट में सरकारी रेलवे पुलिस ने भी दुर्घटना के संबंध में मामला दर्ज किया है।

ट्रेन सेवाओं का बहाल होना

दुर्घटना के कारण मार्ग पर सभी चार लाइनों को बंद कर दिया गया था, जिससे कम से कम 45 ट्रेनों को मोड़ना पड़ा या उन्हें फिर से शेड्यूल करना पड़ा। चेन्नई से कवरापेट्टई में एक दुर्घटना राहत ट्रेन को लाइन बहाली कार्य के लिए भेजा गया था, और शनिवार रात तक ट्रेन सेवाएं बहाल कर दी गई थीं।

संभावित कारण और सबोटाज़ की आशंका

इस घटना के पीछे कई कारण हो सकते हैं जिनकी जाँच की जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि ट्रेन के मुख्य लाइन पर जाने के बावजूद लूप लाइन में प्रवेश करने से यह दुर्घटना हुई। रेलवे अधिकारियों ने सिग्नलिंग सिस्टम में किसी भी खामी की संभावना से इनकार नहीं किया है। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने बताया कि इस घटना के पीछे किसी तरह की साजिश या तोड़-फोड़ की भी जाँच की जा रही है।

उच्च स्तरीय जाँच

इस दुर्घटना की उच्च स्तरीय जाँच की जा रही है जिससे दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सकेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जा सकेंगे। जाँच में तकनीकी खामियों से लेकर मानवीय त्रुटियों और जानबूझकर की गई किसी भी तोड़-फोड़ तक कई पहलुओं पर गौर किया जायेगा।

निष्कर्ष और मुख्य बातें

  • कवराइपेट्टई में हुई रेल दुर्घटना में कोई भी जानमाल का नुकसान नहीं हुआ परंतु कई यात्री घायल हुए।
  • रेलवे अधिकारियों ने उच्च स्तरीय जाँच के आदेश दिए हैं जिसमे कई पहलुओं जैसे तकनीकी खामियाँ, मानवीय त्रुटियाँ और सबोटाज़ की संभावना पर जाँच की जायेगी।
  • प्रभावित यात्रियों को भोजन, पानी और आवास मुहैया कराया गया है और उन्हें उनके गंतव्य तक पहुँचाने की व्यवस्था की गयी है।
  • ट्रेन सेवाएँ बहाल कर दी गयी हैं।
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