बिहार में नीतीश कुमार पर कोरोना टेस्ट‍िंग को लेकर तेजस्वी का हमला…

admin
By admin
4 Min Read

[object Promise]

पटना:  बिहार में हर दिन विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) कोरोना और टेस्टिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  (Nitish Kumar) को घेरते हैं। रविवार को तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा कि अगर एंटीज़ेन टेस्टिंग को अलग रखा जाये तो राज्य में मुश्किल से तीन हज़ार से अधिक टेस्टिंग नहीं हो रही है। तेजस्वी ने कहा, ‘ बिहार में बाढ़ और कोरोना (Coronavirus) को लेकर स्थिति भयावह है। बिहार जैसे 12.60 करोड़ की घनी आबादी वाले राज्य में अभी तक मात्र 0.35% लोगों की जांच हुई है। प्रति 10 लाख आबादी पर मात्र 3508 लोगों की जांच हो रही है जो देश में सबसे कम है। बिहार में 140 दिनों में प्रतिदिन जांच का औसत सिर्फ़ 3158 है। विगत 2 हफ़्तों से एंटीजेन टेस्ट को छोड़ दें तो आज भी बमुश्किल 3000 जांच हो रही है।

बिहार प्रदेश की जुलाई महीने में पॉजिटिविटी रेट 12.54% है जो देश में सबसे ज़्यादा है। कोरोना से सिर्फ़ जुलाई महीने में अभी तक बिहार में 25 दिनों में 159 लोगों की मौत हुई है। मतलब प्रतिदिन 6 लोगों की मौत हो रही है। जो बिना जांच और इलाज़ मर रहे हैं उनकी गिनती ही नहीं है। सरकार को आंकड़ों की बाज़ीगरी छोड़ अब तो गंभीर होना चाहिए.

तेजस्वी ने कहा, ‘ मैं माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी से पूछना चाहता हूँ कि वह बतायें कि बिहार में RT-PCR Tests की क्षमता क्यों नहीं बढ़ाई जा रही? RT-PCR Test से ही कोरोना कि सटीकता का पता चलता है। एंटीजेनटेस्ट में बहुत-सी विसंगतियाँ सामने आ रही हैं। 4 महीनों में बिहार से कई छोटे राज्यों ने काबिले तारीफ़ काम करते हुए अपने राज्यों की अस्पतालों की क्षमता को बढ़ाया। उन्होंने मेकशिफ़्ट अस्पताल बनाए. मुख्यमंत्री जी, आपने इतने दिनों में एक भी नया अस्पताल क्यों नहीं बनाया?

तेजस्वी ने आगे पूछा, ‘ बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी दयनीय क्यों है कि आपके 15 साल के शासन के बाद भी अस्पतालों में रुई और सुई के अलावा ज़रूरी मेडिकल उपकरण उपलब्ध क्यों नहीं हैं? आप इतने असहाय क्यों हैं कि आपके मंत्री और अधिकारी आपकी ही बात नहीं सुनते? आपदा के बीच आप क़ाबिल अधिकारियों को दरकिनार कर नाकाम और भ्रष्ट अधिकारियों पर यक़ीन क्यों कर रहे हैं? आप जनप्रतिनिधियों से ज़मीनी फ़ीडबैक प्राप्त क्यों नहीं करते?

तेजस्वी ने कहा, ‘ आप देश के इकलौते ऐसे असफल मुख्यमंत्री रहे जो लॉकडाउन में अपने राज्यों के छात्रों, मज़दूरों को वापस लाने में पूर्णतः नाकाम रहे। जो श्रमिक भाई वापस आए उनकी कोरोना जांच करने, क्वारंटाइन करने, रोजगार और सहायता राशि देने में विफल रहे। शिक्षा, स्वास्थ्य और विधि व्यवस्था बर्बाद करने के बाद अब कोरोना काल और बाढ़ में आपके कुप्रबंधन की सारा देश चर्चा क्यों कर रहा है? विचारिए. माननीय मुख्यमंत्री जी, भूतकाल से निकल वर्तमान में आत्मचिंतन किजीए ताकि बिहार का भविष्य बचे और आने वाला कल उज्ज्वल रहे। सनद रहे आप 15 साल से शासन कर रहे हैं।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *