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पडरौना,कुशीनगर : कोरोना महामारी से निपटने के लिए सरकार ने जिस तरह से 21 दिन तक लाकडाउन किया है,इसका पालन भी लोग कर रहे है,लेकिन वही एक अमीर परिवार से जुड़े गायक कलाकारों का तो काम चल जाता होगा पर,एसे में युपी-बिहार के कई हजारों गरीब गायक कलाकारों में से हैं l
जिनका कोई भी एक वक़्त की रोटी देने वाले समाने नही आ रहे हैं,जबकि प्रशासन के साथ-साथ समाज में अमीर तबके से जुड़े लोगों को भी अपने खाने में एक रोटी ही कम खा कर तमाम गरीब गायक कलाकारों के बीच भोजन सामग्री मुहैया कराने की कोशिश करने कि जरुरत है ।
यह बातें महुआ टीवी चैनल के नहले पे दहला प्रोग्राम के बिजेता रहे सिंगर आकाश मिश्रा ने कहीं,श्री मिश्रा ने कहा है कि कोरोना महामारी के दौरान लाक डाउन होने से पहले यही गरीब गायक कलाकारों द्वारा जो रोज गाते थे,रोज़ बजाते थे,रोज़ अपने परिवार के खाने का इंतज़ाम करते थे,वो सभी कलाकार चाहे वो किसी भी विधा से हो वादन, गायन,नृत्य,नाच,नौटंकी,फरुआहि,
लोकनृत्य,लोकगायन,गावँ के कीर्तन,जागरण,बैंड पार्टी,ढोल पार्टी,ताशा पार्टी,बैंड में नाचने वाले नचनियां,टिमकी बजाने वाले,तुरही बजाने वाले,कठपुतली नाच बिभिन्न साउंड ऑपरेटर व उनके लेबर आदि युपी-बिहार से जुड़े गरीब गायक कलाकारों के साथ साथ सभी लोगों के सामने को कोरोना महामारी के दौरान लाक डाउन डाउन में भुखमरी के कगार पर पहुंचा दिया हैं l
ऐसे में गरीब तबके से जुड़े कलाकारों को बीच समाज के अमीर लोगों को अपने तरफ से राहत सामग्री देने के अलावा प्रशासन भी दो वक्त की रोटी की बंदोबस्त कराने के लिए खड़ा होना चाहिए ।
