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लखनऊ। लॉक डाउन के दौरान शहर के अधिकतर गली मोहल्लों में सब्जी, फल व खाद्य सामग्री बेचने वालों की तादाद बहुत बढ़ गई है। अधिकतर सामग्री बेचने वाले न ग्लब्स पहने होते है और न मास्क। इतना ही नही इन लोगों की कोई पहचान भी नही मालूम है। ऐसे में एक छोटी सी चूक लोगों कितनी बड़ी मुसीबत में डाल सकती है। इसका अंदाजा रोज़ाना जारी किये जा रहे संक्रमित लोगों के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। इतनी सावधानी बरतने के बाद भी शहर में संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
जिला प्रशासन का भी अभी तक इस ओर ध्यान नही गया है। इस बारे में सामाजिक उधोग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामबाबू रस्तोगी ने कहा कि गली मोहल्लों में घूम घूम कर दूध, फल, सब्जी और अन्य सामान बेच रहे हैं। सबका कोरोना टेस्ट कराना चाहिए। उसके बाद इन लोगों को जिला प्रसाशन एक आईडी कार्ड जारी करे कि यह कोरोना मुक्त है। आईडी कार्ड पर सामान बेचने वाले कि पूरी जानकरी होनी चाहिए।
स्टेशनरी विक्रेता और निर्माता एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सरकार को लोगों को जागरूक करना चाहिए कि किसी भी अनजान व्यक्ति से कोई सामान न खरीदें। एक छोटी सी चूक कितनी भारी पड़ सकती है इसका अंदाजा नही लगाया जा सकता। जितेंद्र ने कहा कि जिला प्रशासन को इन गली मोहल्लों में ठेले और ट्रॉली पर समान बेचने वालों का टेस्ट कराए। इसके अलावा इन लोगों अपनी पहचान के एक बैनर पर अपनी पूरी जानकारी लिखकर लगाए। जिससे लोगों को पता चल सके कि वह किससे सामान खरीद रहे है।
लखनऊ व्यापार मंडल के पूर्व वरिष्ठ महामंत्री अतुल जैन ने सरकार से मांग की है कि जो लोग सब्जियों को लेकर कॉलोनियों या सड़को पर घूम रहे हैं, उन सभी के लिये मास्क, हैंड ग्लब्स और सैनिटाइजर की अनिवार्यतया होनी चाहिये, बिना इसके सब्जी बेचने पर पुर्ण रूप से प्रतिबन्ध लगना चाहिये। वरिष्ठ व्यापारी भारत भूषण गुप्ता कि माने तो इस समय सबसे ज्यादा जरुरी सामाजिक दूरी बनाये रखने की है। गली मोहल्लों में सब्जी या फल खरीदना हो या फिर किराना की दुकान पर सामान लेना हो।सामाजिक दूरी बनाए रखे। गलियों में सामान उसी से खरीदे जो मास्क और ग्लब्स पहने हो। सामान लेते समय खुद भी मास्क पहने। भारत ने बताया कि किसी अनजान से सामान न ले,अगर जरूरी है तो उसकी पहचान जरुर पता कर ले। सामान बेचने वाला कौन है और कहा रहता है कहा से आया है।
