मुंबई। शिवसेना सांसद संजय राउत के एक और बयान ने कांग्रेस और शिवसेना के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर दी है। शिवसेना नेता राउत ने कहा कि विनायक दामोदर सावरकर को भारत रत्न देने का विरोध करने वालों को उसी जेल में दो दिन के लिए भेज देना चाहिए, जहां सावरकर को अंग्रेजों ने रखा था ताकि उनके संघर्षों का एहसास हो सके। आपको बताते जाए कि महाराष्ट में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने एक दिन पहले ही कहा था कि नरेंद्र मोदी सरकार अगर सावरकर को भारत रत्न देती है तो इसका विरोध किया जाएगा।
शिवसेना के एमपी राउत ने कहा कि विनायक सावरकर के योगदान के बारे में किसी को तब ही पता चल सकता है जब उसे अंडमान-निकोबार की उसी जेल में डाला जाए, जहां सावरकर को रखा गया था। कुछ दिन पहले ही संजय राउत ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लेकर विवादित बयान दे दिया था।
आपको बताते जाए कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले साथ रहीं भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना ने चुनावी घोषणापत्र में विनायक सावरकर को भारत रत्न देने का वादा किया था। हालांकि, फिर दोनों पार्टियां अलग हो गईं और शिवसेना ने कांग्रेस-एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बना ली। क्योंकि कांग्रेस वीर सावरकर को अंग्रेजों को ‘माफी पत्र’ लिखने वाला बताती रही है। इसके अलावा सेक्युलरिज्म की बात करने वाली पार्टी को हिंदुत्व पर उनके विचारों से भी आपत्ति रही है।
