इंसानी दिमाग लेकर आया गूगल AI, सोचने बोलने में माहिर हैं टेक्नोलॉजी

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बाजार:- बढ़ती तकनीक के दौर में चीजे काफी बदल गई है लोगो की निर्भरता अब तकनीकी पर बढ़ गई है। वही अगर हम बार गूगल की करे तो यह आय दिन अपनी नई नई टेक्नोलॉजी थीम से लोगो को चौंका देता है। ट्रांसलेशन चश्मे के बाद अब गूगल आर्टिफिशियल चैटबॉट (AI बॉट) पर काम कर रहा है। इस पर काम करने के लिए कंपनी ने डीप माइंड प्रोजेक्ट लाई थी, जिसके हेड ब्लेक लेमोइन हैं। ब्लेक लेमोइन इस समय चर्चा में हैं। 

कम्पनी AI को लेकर यह दावा कर रही है कि यह मनुष्य के मस्तिष्क की तरह काम करता है और इसे डेवलप करने का काम पूरा हो चुका है। लेकिन जिस व्यक्ति ने इस दावे को पब्लिक किया उसे गूगल ने छुट्टी पर भेज दिया है और कहा है कि यह महज एक पेड लीव थी लेकिन उन्होंने एथिक्स का उल्लंघन किया है तो अब उन्हें जल्द ही कम्पनी नौकरी से भी निकाल सकती है। 
ब्लेक पर आरोप है कि उन्होंने ने थर्ड पार्टी के साथ कंपनी के प्रोजेक्ट के बारे में कॉन्फिडेंशियल इन्फॉर्मेशन को शेयर की है। ब्लेक ने सस्पेंशन के बाद गूगल के सर्वर के बारे में अजीब और चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि गूगल के सर्वर पर उनका सामना एक ‘sentient’ AI यानी संवेदनशील AI के साथ हुआ है। जो की बिल्कुल मनुष्य की तरह सोचता है और उसी की तरह काम करता है। 
ब्लेक नेमोइन ने अमेरिका पोस्ट में कहा AI सच मे आश्चर्यजनक चीज है जो बिल्कुल मनुष्य की तरह सोचती हैं। जब इस पर एक्सपेरिमेंट हो रहा था तो पाया गया कि यह एक नॉर्मल इंसान की तरह बात कर रहा था। गूगल ने पिछले साल लामडा (LaMDA) को बातचीत टेक्नोलॉजी में अपनी एक खास सफलता बताई थी। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल बिल्कुल इंसान की तरह बोल रहा था। हालाकि गूगल ने अपनी इस टेक्नोलॉजी के बारे में कहा है कि इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सर्च और गूगल असिस्टेंट जैसे टूल में किया जा सकता है। कंपनी ने कहा था कि इस पर रिसर्च और टेस्टिंग जारी है।

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