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Vaibhav Suryavanshi: 11 बॉल में फिफ्टी ठोकने वाले इस शेर को क्यों इग्नोर कर रही है टीम इंडिया? जानें पूरा गणित

Vaibhav Suryavanshi: क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, लेकिन कुछ हार ऐसी होती हैं जिन्हें पचाना किसी भी भारतीय क्रिकेट फैन के लिए नामुमकिन सा हो जाता है।

Kavita Kelkar (वरिष्ठ संवाददाता)

29 जून 2026

Vaibhav Suryavanshi: 11 बॉल में फिफ्टी ठोकने वाले इस शेर को क्यों इग्नोर कर रही है टीम इंडिया? जानें पूरा गणित

Vaibhav Suryavanshi: क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, लेकिन कुछ हार ऐसी होती हैं जिन्हें पचाना किसी भी भारतीय क्रिकेट फैन के लिए नामुमकिन सा हो जाता है। हाल ही में आयरलैंड दौरे पर गई भारतीय क्रिकेट टीम के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है। जिस सीरीज को एक ‘आसान दौरा’ माना जा रहा था, वहां से टीम इंडिया को मुंह की खाकर लौटना पड़ा है।

आयरलैंड ने टी20 इंटरनेशनल में न सिर्फ पहली बार भारत को हराया, बल्कि सीरीज के दोनों मैच जीतकर हमारा 2-0 से सूपड़ा साफ (क्लीन स्वीप) कर दिया। इस ऐतिहासिक और शर्मनाक हार के बाद सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट के गलियारों तक सिर्फ एक ही बहस छिड़ी हुई है— “इतने शानदार फॉर्म में चल रहे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका क्यों नहीं दिया गया?” आइए, एक क्रिकेट फैन की तरह बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर बेलफास्ट में टीम इंडिया से कहां चूक हुई और क्या वाकई कोच गौतम गंभीर की किसी ‘जिद’ ने टीम को इस हार की तरफ धकेल दिया।

क्या है पूरी खबर? (आयरलैंड के खिलाफ शर्मनाक क्लीन स्वीप)

बेलफास्ट में खेली गई इस टी20 सीरीज को युवा और बेंच स्ट्रेंथ (नए खिलाड़ियों) को आजमाने का एक बेहतरीन मौका माना जा रहा था। अमूमन भारतीय टीम जब भी किसी कमजोर या लो-रैंक वाली टीम के साथ खेलती है, तो नए चेहरों को बिना किसी दबाव के इंटरनेशनल क्रिकेट का अनुभव लेने के लिए मैदान पर उतारा जाता है।

लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। आईसीसी की टी20 रैंकिंग में 11वें नंबर पर मौजूद आयरलैंड ने भारतीय टीम को खेल के हर विभाग में पछाड़ दिया। इस हार ने टीम के अंदर चल रही उन खामियों को उजागर कर दिया है, जिन्हें शायद हम बड़ी टीमों के खिलाफ जीत की आड़ में नजरअंदाज कर रहे थे।

क्या गौतम गंभीर की ‘जिद’ ने डुबोई लुटिया? (कोचिंग स्टाफ का तर्क)

इस सीरीज में हार से ज्यादा चर्चा वैभव सूर्यवंशी को बाहर बैठाने की हो रही है। दुनिया भर के क्रिकेट एक्सपर्ट्स और पूर्व दिग्गज खिलाड़ी यह मांग कर रहे थे कि वैभव को इस सीरीज में डेब्यू करने का मौका मिलना चाहिए।

लेकिन टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने उन्हें प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बनाया। सीरीज शुरू होने से पहले टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने एक बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि, “सिर्फ एक नए खिलाड़ी को मौका देने के लिए, हम उस खिलाड़ी को बाहर नहीं बैठा सकते जो लगातार रन बना रहा हो। यह पूरी तरह से गलत होगा।”

कोचिंग स्टाफ का यह तर्क सुनने में सही लगता है, लेकिन मैदान पर इसका उल्टा ही हुआ। जिन “रन बनाने वाले” बल्लेबाजों पर भरोसा जताया गया, उन्होंने आयरलैंड की पिच पर कैसा प्रदर्शन किया, यह पूरी दुनिया ने देखा। ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि फ्लॉप हो रहे खिलाड़ियों की जगह एक टॉप फॉर्म में चल रहे युवा को मौका देना क्या गलत होता?

आंकड़ों की जुबानी: क्यों उठ रही है वैभव सूर्यवंशी की मांग?

अगर आप वैभव सूर्यवंशी के हालिया फॉर्म को देखेंगे, तो आप भी कहेंगे कि उन्हें बेंच पर बैठाना किसी ‘क्राइम’ से कम नहीं था। उनके आंकड़े किसी वीडियो गेम के स्कोर जैसे लगते हैं:

  • आईपीएल का तूफान: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के इस सीजन में वैभव ने गेंदबाजों के धागे खोलते हुए 700 से ज्यादा रन ठोके थे।

  • 11 गेंदों में फिफ्टी: हाल ही में श्रीलंका में हुई ट्राई सीरीज के फाइनल में उन्होंने महज 11 गेंदों पर अपनी फिफ्टी (अर्धशतक) पूरी करके एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया।

  • कमाल की निरंतरता: अगर उनकी पिछली 10 पारियों पर नजर डालें, तो उन्होंने लगभग हर मैच में रन बनाए हैं। इनमें से चार बार तो उनका स्कोर 90 के पार (90+) रहा है।

क्रिकेट के जानकार मानते हैं कि टी20 फॉर्मेट में अगर वैभव सूर्यवंशी जैसा बल्लेबाज क्रीज पर सिर्फ 5 ओवर भी टिक जाए, तो वह अकेले दम पर मैच को एकतरफा बना सकता है।

लो-रैंक टीम के खिलाफ मौका न देना कितनी बड़ी भूल?

माना कि इंटरनेशनल क्रिकेट में किसी भी टीम को कमजोर आंकना गलत है, लेकिन आयरलैंड जैसी 11वें नंबर की टीम के खिलाफ एक आक्रामक युवा को आजमाना कोई जोखिम भरा फैसला नहीं था।

जब आपके पास एक ऐसा खिलाड़ी मौजूद है जो अपने बल्ले से आग उगल रहा है, जिसके पास बिना डरे बड़े शॉट्स खेलने की काबिलियत है, तो उसे सिर्फ ‘सीनियर खिलाड़ियों की जगह’ बचाने के लिए बाहर रखना समझ से परे है। अगर वैभव को आयरलैंड के खिलाफ मौका मिलता, तो शायद आज सीरीज का नतीजा 2-0 से हमारे हक में होता।

आयरलैंड के खिलाफ मिली यह हार भारतीय टीम मैनेजमेंट के लिए एक बहुत बड़ा ‘वेक-अप कॉल’ (चेतावनी) है। कोच गौतम गंभीर और उनकी टीम को यह समझना होगा कि सिर्फ नाम और पुराने रिकॉर्ड्स के दम पर टी20 क्रिकेट नहीं जीता जा सकता। जो खिलाड़ी मौजूदा समय में सबसे बेहतरीन फॉर्म में है, उसे मैदान पर उतारना ही जीत की गारंटी है। अब देखना यह है कि क्या आने वाली सीरीज में वैभव सूर्यवंशी को वह मौका मिलेगा, जिसके वो असली हकदार हैं।

“छात्रों की स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनियमितताओं पर कठोरतम प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।”

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