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Vaishno Devi Yatra 2026: क्या जुलाई-अगस्त में वैष्णो देवी जाना सुरक्षित है?

Vaishno Devi Yatra 2026: माता वैष्णो देवी का बुलावा जब आता है, तो भक्त किसी भी मौसम की परवाह नहीं करते। हर साल लाखों लोग कटरा पहुंचते हैं।

Mehul Pandey (वरिष्ठ संवाददाता)

16 जुलाई 2026

Vaishno Devi Yatra 2026: क्या जुलाई-अगस्त में वैष्णो देवी जाना सुरक्षित है?

Vaishno Devi Yatra 2026: माता वैष्णो देवी का बुलावा जब आता है, तो भक्त किसी भी मौसम की परवाह नहीं करते। हर साल लाखों लोग कटरा पहुंचते हैं। गर्मियों की छुट्टियों में तो यहां भारी भीड़ होती ही है, लेकिन कई लोग जुलाई और अगस्त यानी मानसून के मौसम में भी ट्रिप प्लान करते हैं। इस दौरान त्रिकुटा पर्वतों की हरियाली और बादलों से ढकी वादियां देखने लायक होती हैं।

लेकिन, पहाड़ों की यह खूबसूरती बारिश के मौसम में अपने साथ कुछ खतरे भी लेकर आती है। लगातार बारिश से रास्तों पर फिसलन हो जाती है और पत्थर गिरने का डर बना रहता है। अगर आप या आपका परिवार भी इन दिनों माता के दरबार में हाजिरी लगाने की सोच रहे हैं, तो टिकट बुक करने से पहले कुछ जमीनी हकीकत और सावधानियां जान लेना बहुत जरूरी है। आइए, एक दोस्त की तरह आपको बताते हैं कि मानसून में यह यात्रा कैसे सुरक्षित बनाई जाए।

हाल की घटना: हिमकोटी में लैंडस्लाइड और बैटरी कार सेवा पर असर

पहाड़ों पर बारिश का मतलब है रास्तों का खराब होना। हाल ही में वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भारी बारिश के कारण ‘हिमकोटी’ इलाके में लैंडस्लाइड (पहाड़ खिसकने) की घटना हुई थी। मलबा गिरने की वजह से प्रशासन को कुछ समय के लिए बैटरी कार सेवा रोकनी पड़ी थी। हालांकि, प्रशासन हमेशा मुस्तैद रहता है और रास्तों को साफ कर दिया जाता है, लेकिन यह घटना बताती है कि बारिश के दिनों में यात्रियों को एक्स्ट्रा अलर्ट रहने की जरूरत है।

क्या मानसून (जुलाई-अगस्त) में वैष्णो देवी जाना सुरक्षित है?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस मौसम में जाना सेफ है? इसका सीधा जवाब है- हाँ, लेकिन शर्तो के साथ।
अगर मौसम सामान्य है और प्रशासन ने कोई चेतावनी नहीं दी है, तो आप आराम से यात्रा कर सकते हैं। श्राइन बोर्ड ने रास्ते बहुत अच्छे और पक्के (टीन शेड वाले) बना दिए हैं। लेकिन आम दिनों की तुलना में बारिश में रिस्क ज्यादा रहता है। अगर भारी बारिश या लैंडस्लाइड का अलर्ट है, तो समझदारी इसी में है कि अपनी यात्रा को कुछ दिनों के लिए टाल दें।

यात्रा पर निकलने से पहले: मौसम का अपडेट है सबसे जरूरी

जम्मू और कटरा के पहाड़ों में मौसम कुछ ही मिनटों में बदल जाता है। अभी धूप है और अगले ही पल तेज बारिश शुरू हो सकती है। इसलिए घर से ट्रेन या फ्लाइट पकड़ने से पहले मौसम विभाग (IMD) का अपडेट जरूर चेक करें। अगर ‘रेड’ या ‘ऑरेंज’ अलर्ट है, तो ट्रिप को थोड़ा आगे बढ़ा लेना ही सही रहेगा।

फिसलन भरे रास्तों से कैसे बचें? (जूते और दिन की यात्रा)

  • सही जूतों का चुनाव: बारिश में चढ़ाई वाले रास्ते गीले और बहुत फिसलन भरे हो जाते हैं। इसलिए अपने साथ अच्छी ग्रिप (पकड़) वाले स्पोर्ट्स शूज या ट्रेकिंग शूज ही ले जाएं। स्लीपर या सैंडल पहनकर चढ़ाई करने की गलती बिल्कुल न करें।

  • रात की बजाय दिन में करें चढ़ाई: मानसून में कोशिश करें कि आप अपनी चढ़ाई दिन के उजाले में करें। दिन में रास्ता साफ दिखता है, फिसलन का अंदाजा लग जाता है और अगर कोई मदद चाहिए तो वह आसानी से मिल जाती है।

मानसून ट्रिप के लिए बैग में क्या-क्या रखें? (जरूरी सामान की लिस्ट)

पहाड़ों की बारिश से बचने के लिए आपकी पैकिंग स्मार्ट होनी चाहिए। अपने बैग में ये चीजें जरूर रखें:

  • एक अच्छी क्वालिटी का रेनकोट या पोंचो (Poncho)।

  • मोबाइल और पैसों को बचाने के लिए वॉटरप्रूफ कवर या पाउच।

  • एक जोड़ी एक्स्ट्रा कपड़े और मोजे (गीले होने पर बदलने के लिए)।

  • टॉर्च (रात में या धुंध होने पर काम आएगी)।

  • सर्दी-जुकाम और बुखार की जरूरी दवाइयां।

  • रास्ते के लिए पानी की बोतल और हल्के स्नैक्स।

  • मोबाइल चार्ज रखने के लिए फुल चार्ज पावर बैंक।

किन लोगों को बारिश में यात्रा करने से बचना चाहिए?

अगर आपके ग्रुप में बहुत छोटे बच्चे, बुजुर्ग, या कोई प्रेग्नेंट महिला है, तो मानसून में ट्रिप प्लान करने से पहले दो बार सोच लें। खराब मौसम, ठंडी हवाएं और फिसलन भरे रास्तों पर चढ़ाई करना इनके लिए आम दिनों के मुकाबले बहुत ज्यादा मुश्किल और थकाऊ हो सकता है।

अफवाहों से बचें: सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर करें भरोसा

अक्सर देखा जाता है कि बारिश होते ही सोशल मीडिया (WhatsApp/Facebook) पर यात्रा बंद होने या रास्ते टूटने की झूठी खबरें और पुराने वीडियो वायरल होने लगते हैं। ऐसी किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
अपनी यात्रा से जुड़ी सही जानकारी के लिए सिर्फ ‘श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड’ (SMVDSB) की ऑफिशियल वेबसाइट या वहां के लोकल प्रशासन के अपडेट्स पर ही भरोसा करें।

तो क्या ट्रिप कैंसिल कर देनी चाहिए?

ऐसा नहीं है कि सावन या भादों के महीने में दर्शन नहीं होते। हर दिन मौसम खराब नहीं रहता। लाखों लोग बारिश में भी दर्शन करके सुरक्षित घर लौटते हैं। बस आपको थोड़ा ‘फ्लेक्सिबल’ रहना है। अगर कटरा पहुंचने के बाद भारी बारिश हो रही है, तो हड़बड़ी में चढ़ाई शुरू न करें। होटल में एक दिन रुककर मौसम साफ होने का इंतजार कर लें। माता रानी सब अच्छा करेंगी……

“छात्रों की स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनियमितताओं पर कठोरतम प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।”

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