उत्तर प्रदेश में तीन दिनों तक मौसम शुष्क रहने के बाद एक बार फिर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने एक नए मौसमी सिस्टम के कारण बुधवार (23 सितंबर 2026) से लखनऊ सहित प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर शुरू होगा। सोमवार (21 सितंबर 2026) को जारी मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अगले चार-पांच दिनों यानी 28 सितंबर तक बारिश की यह स्थिति बनी रहेगी।
बंगाल की खाड़ी के मौसमी सिस्टम से अगले 48 घंटे में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी
दैनिक जागरण के विकास मिश्रा की रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में अगले 48 घंटों में अच्छी बारिश होने के संकेत मिल रहे हैं। लखनऊ में सोमवार को आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.5 प्रतिशत अधिक है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मंगलवार को लखनऊ में हल्के बादल छाए रहने के साथ आंशिक रूप से बूंदाबांदी हो सकती है। लेकिन बुधवार से राजधानी और इसके आसपास के क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की स्थिति भी बन सकती है, जिससे अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी।
पूर्वी, मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य होगा वर्षा का स्तर
मौसम विभाग के अनुसार, बारिश का यह नया दौर केवल पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में भी देखने को मिलेगा। पूर्वी और मध्य यूपी के कई जिलों में 28 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान है।
मानसून की इस सक्रियता से राज्य में वर्षा का स्तर सामान्य होने की उम्मीद है। वर्तमान आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में अब तक सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं, पश्चिमी जिलों में स्थिति बहुत बेहतर है, जहां सामान्य की तुलना में महज 0.4 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। कुल मिलाकर पूरे प्रदेश की बात करें तो इस सीजन में अब तक सामान्य से छह प्रतिशत कम बादल बरसे हैं।
उत्तर प्रदेश से मानसून की वापसी की तारीखें घोषित
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से मानसून की विदाई की तिथियां भी स्पष्ट कर दी हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 से 30 सितंबर के बीच मानसून की वापसी हो जाती है और इस दौरान वहां बारिश का सिलसिला पूरी तरह थम जाता है।
वहीं, लखनऊ सहित पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में मानसून की विदाई में थोड़ा अधिक समय लगता है। इन क्षेत्रों में मानसून की वापसी की आधिकारिक तारीख 4 अक्टूबर तय की गई है। तब तक प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर मौसमी बदलाव और बारिश की गतिविधियां देखने को मिलती रहेंगी।
FAQ:
Q1: उत्तर प्रदेश में बारिश का नया दौर कब से शुरू हो रहा है और इसके पीछे क्या मुख्य कारण है?
A1: उत्तर प्रदेश में बुधवार (23 सितंबर 2026) से बारिश का नया दौर शुरू होने जा रहा है। इसके पीछे मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी में बना एक नया मौसमी सिस्टम है, जिसका असर प्रदेश के कई हिस्सों में दिखेगा।
Q2: मौसम विभाग ने यूपी के किन क्षेत्रों और कितने जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है?
A2: मौसम विभाग ने लखनऊ, पूर्वी, मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करीब 40 से अधिक जिलों में अगले 48 घंटों में अच्छी बारिश होने के संकेत दिए हैं। कुछ स्थानों पर भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की भी चेतावनी दी गई है।
Q3: उत्तर प्रदेश से इस साल मानसून की वापसी की क्या तारीखें निर्धारित की गई हैं?
A3: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून की वापसी 28 से 30 सितंबर के बीच होगी, जबकि लखनऊ और पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों से मानसून की विदाई की तारीख 4 अक्टूबर तय की गई है।



